डेराबस्सी। नकली नोट चलाकर करोड़पति बनने का सपना दिखाकर पुलिस के साथ मिलकर 50 लाख रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने विजिलेंस को एक पुलिस कर्मचारी समेत चार लोगों के खिलाफ शिकायत दी है। मामले में दूसरे पक्ष ने एक पुलिसकर्मी को डेराबस्सी थाने में एसएचओ लगवाने के नाम पर 25 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया है।
इस बारे में एसपी डी. मनप्रीत सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस को दी शिकायत में सुमित गुप्ता वासी डेराबस्सी ने बताया कि उसका एक दोस्त अजीत सिंह बाजवा वासी डेराबस्सी नकली नोटों का कारोबार करता है। पीड़ित ने बताया कि कुछ समय पहले अजीत ने उसको धीरेंद्र कौशल (हैप्पी) वासी एटीएस जीएम-4 डेराबस्सी से मिलवाया।
दोनों ने बताया कि एक करोड़ असली रुपये के बदले सात करोड़ के जाली नोट देंगे। इससे करोड़पति बना जाएंगे। अगर चाहिए तो 50 लाख का इंतजाम आप करो और 50 लाख का इंतजाम वे करेंगे। इसके बाद उन्होंने संदीप नाम के व्यक्ति से मिलवाया। पीड़ित सुमित गुप्ता ने बताया कि अजीत बाजवा और हैप्पी पर विश्वास कर लोगों से कर्ज लेकर 50 लाख रुपये का इंतजाम किया।
यह मामला 24 अप्रैल 2024 का है। इसके बाद सभी राजपुरा में पंजाबी चुला ढाबा जो पुराना शंभू थाने के पास है, वहां अजीत की स्विफ्ट कार में पहुंचे।
वहां एक आरोपी असली रुपयों से भरा बैग लेकर गया और पांच मिनट बाद आकर कहा कि रुपयों की अदला-बदली हो गई है। उसी समय तीन पुलिस वाले वहां आ गए। उन्होंने हैप्पी को जसविंदर सिंह जस्सा पुराना मुजरिम बताया और पुरानी फोटो भी दिखाई जिसमे उसने पग बांध रखी थी। उसको जाली रुपयों के साथ पकड़ लिया। इसके बाद पीड़ित को भी हथकड़ी पहनाकर पुराना शंभू थाने के पीछे एक सुनसान जगह पर ले गए। पीड़ित का आरोप है कि उसको नकली नोट दिखाए भी नहीं गए थे, केवल बातों में नकली नोटों की बात हो रही थी।
वहां पुलिस वालों ने डरा धमकाकर उससे झूठे बयान पर हस्ताक्षर करवा लिए। जिस पुलिस ने जाली करेंसी के साथ उनको पकड़ा था, अजीत के कहने पर उनको सुबह चार बजे छोड़ दिया। शिकायतकर्ता ने इसके बाद अपने स्तर पर पता लगाया तो पता चला कि उक्त पुलिस अधिकारी अजीत सिंह बाजवा का पुराना दोस्त है। इन सभी ने 50 लाख रुपये की ठगी की है।