मोहाली। मानवाधिकार दिवस के मौके पर जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण (डीएलएसए) मोहाली ने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, घड़ूंआं में आयोजित सेमिनार में डिजिटल युग में बढ़ते मानवाधिकार उल्लंघनों पर चिंता जताई। वक्ताओं ने कहा कि अब अधिकारों की लड़ाई सिर्फ सड़क और न्यायालयों तक सीमित नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया, इंटरनेट प्लेटफॉर्म और डिजिटल व्यवहार भी मानवाधिकारों का बड़ा मुद्दा बन चुके हैं।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-कम-सचिव, डीएलएसए, सुरभि पराशर ने कहा कि बदले माहौल में युवाओं को सबसे ज़्यादा डिजिटल खतरों का सामना करना पड़ रहा है। सेमिनार में विद्यार्थियों और फैकल्टी को ऑनलाइन सुरक्षा, डिजिटल फुटप्रिंट्स, साइबर क्राइम रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया पर जिम्मेदार व्यवहार को लेकर विशेष जागरूकता दी गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया और डिजिटल मानवाधिकारों पर सवाल भी पूछे।