जीरकपुर। ठेका कर्मचारियों की हड़ताल आज तीसरे दिन भी जारी रही। इसमें कर्मचारियों ने पंजाब सरकार और जीरकपुर बिजली बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रोष प्रकट किया। बातचीत के दौरान ठेका कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने तीन हफ्ते पहले बिजली बोर्ड प्रबंधन और कंपनी को अपनी पुरानी और नई मांगों का पत्र सौंपकर लिखित समय दिया था, लेकिन एक महीना बीतने के बाद भी न तो प्रबंधन और न ही कंपनी गंभीर है। प्रेस से बातचीत करते हुए मोहाली सचिव एकम सिद्धू ने कहा कि तीन दिन से कर्मचारी अपना बकाया वेतन पाने के लिए सड़कों पर हैं, दूसरी तरफ जनता बिजली कटौती से परेशान हैं।
जीरकपुर प्रबंधन ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया है। उन्होंने इस व्यवहार से तंग आकर आज ऐलान किया कि सोमवार तक काम बंद रखा जाएगा और अगर कोई समाधान नहीं निकला तो वे भाईचारे के संगठनों के साथ मिलकर पूरे शहर में जीरकपुर की अफसरशाही के खिलाफ रोष मार्च निकालेंगे और पुतला भी फूंकेंगे। जीरकपुर के एडिशनल सुपरवाइजर न तो कंपनी के खिलाफ समय पर कार्रवाई कर रहे हैं, न ही उन कर्मचारियों के खिलाफ जो मजदूरों के साथ गलत कर रहे हैं। इससे साफ हो जाता है कि इन सभी को आम लोगों और ठेका मजदूरों से कोई सरोकार नहीं है। ऊपर से यहां की अफसरशाही बिना किसी मसले का हल किए काम को जबरन चला रही है। इसलिए यूनियन नेताओं ने कहा कि अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में जीरकपुर के लोगों को बिजली की समस्या से जूझना पड़ेगा क्योंकि जहां ठेका मजदूर हड़ताल पर है।
सरकारी कर्मचारी भी 11/12/13 अगस्त को पंजाब स्तरीय हड़ताल पर जा रहे हैं। इसलिए उन्होंने कहा कि अगर समय रहते उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे मजबूरन सर्कल स्तर पर हड़ताल पर चले जाएंगे और इससे पूरे सर्कल मोहाली की सप्लाई प्रभावित होगी। इस दौरान यूनियन के अध्यक्ष अमनिंदर सिंह, कैशियर जगमोहन सिंह, अमरीक सिंह, वीर सिंह, रोहित कुमार, स्वर्ण सिंह व अन्य मौजूद रहे।