मोहाली। पंजाब में सैनिकों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार को देखते हुए पूर्व सैनिकों ने आजादी के पर्व पर सरकारी आयोजनों में शामिल न होने का फैसला लिया है। पूर्व सैनिक अपने तरीके से स्वतंत्रता दिवस मनाएंगे। बुधवार को फेज-10 में सैनिक भवन के बाहर एकत्रित पूर्व सैनिकों ने यह निर्णय लिया। एक्स-सर्विसमैन ग्रीवांस सेल के प्रधान कर्नल एसएस सोही सेवानिवृत्त और ब्रिगेडियर हरवंत सिंह ने बताया कि पंजाब में सैनिकों और पूर्व सैनिकों के साथ प्रशासन और पुलिस का रवैया ठीक नहीं है। इस कारण पूर्व सैनिकों ने 15 अगस्त को आयोजित होने वाले सरकारी समारोहों में शामिल नहीं होंगे।
सोही ने कहा कि मलेरकोटला के एक सैन्य जवान अब्दुल सत्तार को कुछ प्रभावशाली लोगों ने पीटा और उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। जब वे पुलिस स्टेशन गए तो वहां की महिला एसएचओ ने उदासीनता दिखाई और उन्हें चिकित्सा सहायता प्रदान करने या दोषियों को गिरफ्तार करने में कोई मदद नहीं की। उन्होंने कहा कि प्रमुख पूर्व सैनिकों से जबरन वसूली और इस संबंध में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने में पुलिस की विफलता के मामले भी सामने आए हैं। इससे पहले पटियाला में कर्नल बाठ और उनके बेटे पर पुलिस बर्बरता सर्वविदित है। उन्होंने कहा कि उपरोक्त परिस्थितियों के मद्देनजर अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए पूर्व सैनिकों ने 15 अगस्त को पंजाब सरकार के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल न होने का फैसला लिया है। इस अवसर पर उन्होंने एसएसपी मलेरकोटला गगन अजीत सिंह का भी धन्यवाद किया। उन्होंने मलेरकोटला में सिपाही अब्दुल सत्तार की बेरहमी से पिटाई करने वाले गुंडों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई कर मामला दर्ज किया है।