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मोहाली में हर सड़क पर लावारिस पशु दे रहे हादसों को न्योता

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मोहाली। वीआईपी शहर की सड़कों पर घूमते लावारिस पशुओं के कारण बहुत से हादसे हुए हैं। इनकी वजह से कई लोग अपनी जान से हाथ तक धो बैठे हैं लेकिन इसके बाद भी नगर निगम की आंख नहीं खुल रही है। अभी तक समस्या जस की तस बनी हुई है। मोहाली शहर की अंदरूनी सड़कों के अलावा यह समस्या शहर से गुजरते नेशनल हाईवे पर भी आम है। कई बार मुद्दा हाउस की मीटिंग में भी उठा है लेकिन लोगों को इस समस्या से छुटकारा नहीं मिल पाया है। अब तो हालात ज्यादा गंभीर हो गए हैं।
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जानकारी के मुताबिक मोहाली में इंटरनेशनल एयरपोर्ट रोड, नेशनल हाईवे-21, खरड़-चंडीगढ़ रोड, पीसीए रोड, जगतपुरा फेज-11 रोड, बलौंगी-कुंभड़ा रोड पर यह समस्या आम है। इंडस्ट्रियल एरिया की सड़कें भी इससे अछूती नहीं रही है। हालात यह है कि पशु के झुंड कभी भी सड़क पर आ जाते हैं जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है। बलौंगी-कुंभड़ा रोड व एयरपोर्ट रोड पर गमाडा ने रेल गार्ड तक रोड किनारे लगाए थे लेकिन फिर भी इनसे लोगों को छुटकारा नहीं मिल पाया है। इसके अलावा कुछ पशुओं को लालड़ू गोशाला में शिफ्ट करने का काम भी फाइलों से आगे नहीं बढ़ पाया है।
गोशाला पशुओं से भरी, बीमारी फैलने का खतरा
जानकारी के मुताबिक नगर निगम द्वारा बनाई गई गोशाला की क्षमता 600 के करीब पशु रखने की है लेकिन अब पशुओं की संख्या 1100 पार हो गई है। गोशाला में अब पशु पूरी तरह से भर गए हैं और इस कारण वहां पर बीमारी फैलने का खतरा बन गया है। निगम ने लावारिस पशुओं पर नकेल कसने के लिए करीब सात महीने एक प्रस्ताव पास किया था। इसके तहत तय हुआ था कि जो भी पशु निगम पकड़ेगी, उनके मालिक से 20 हजार रुपये जुर्माना लेकर छोड़ेगी। इसके बाद निगम ने 300 से अधिक पशु पकड़े थे लेकिन कोई कोई छुड़वाने नहीं आया। ऐसे में अब नगर निगम उक्त फीस को बीस हजार से कम करके पांच हजार रुपये करने जा रहा है। इस संबंधी मंगलवार को होने वाली हाउस की मीटिंग में प्रस्ताव लाया जा रहा है।
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पार्षद बॉबी कंबोज ने कहा कि शहर की सड़कों पर लावारिस पशुओं से ज्यादा तो पालतू पशु घूमते हैं। पशु मालिक सुबह और शाम दूध लेने के बाद पशुओं को खुला सड़कों पर छोड़ देते हैं। एक तो उन पर क्रुएलिटी एक्ट के तहत पर्चा होना चाहिए। दूसरा नगर निगम पशुओं को छुड़ाने की जो कीमत कम कर रही है, उसे ऐसा नहीं करना चाहिए बल्कि पशु को छुड़ाने की समय अवधि रख देनी चाहिए। वहीं उस समय में जिस पशु को कोई छुड़ाने न आए तो, उन्हें नीलाम करना चाहिए।
सोच सेवा समिति संस्था के प्रमुख अतुल शर्मा का कहना है कि लावारिस पशुओं का मोहाली में आतंक काफी बढ़ गया है। सभी मेन चौराहों और सड़कों पर एकदम पशु गाड़ियों के आगे आ जाते हैं। इन पर लगाम कसने के लिए प्रशासन को कदम उठाने चाहिएं। यह मामला गंभीर है लेकिन प्रशासन इस मामले को लेकर गंभीर नहीं लग रहा है।
क्या कहते हैं लोग
मोहाली निवासी बलजिंदर सिंह मोहाली में लावारिस पशुओं की समस्या बहुत ज्यादा है। अब तो हर सड़क पर पशु ही दिखते हैं। नगर निगम दावे करता था कि मोहाली को कैटल फ्री बनाया जाएगा लेकिन वह सारी बातें अब हवा में रह गई हैं।
फेज-दो निवासी अनिल झा का कहना है कि जब शहर के लोग सभी तरह के टैक्स नगर निगम को भरते है, तो निगम लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर क्यों नहीं है। इस दिशा में निगम को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
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