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Mohali News: दो मौत मामलों में ईएसआईसी पर गिरी गाज, मोहाली उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला

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मोहाली। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, मोहाली ने कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) को सेवा में कोताही बरतने का दोषी पाते हुए दो अलग-अलग मामलों में मृतक श्रमिकों के परिवारों के पक्ष में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। आयोग के अध्यक्ष एसके अग्रवाल ने ईएसआईसी के क्षेत्रीय निदेशक (चंडीगढ़) और शाखा प्रबंधक (मोहाली) को निर्देश दिया है कि वे ईएसआईसी (केंद्रीय) नियम 1950 के नियम 58(2) के तहत, आश्रितों को वेतन का 90% हिस्सा मासिक पेंशन के रूप में दे। मृत्यु की तिथि से 9% वार्षिक ब्याज का भुगतान 30 दिनों के भीतर करना होगा। यदि भुगतान में देरी होती है तो ब्याज की दर 12% वार्षिक होगी। मानसिक पीड़ा और कानूनी खर्च के लिए प्रत्येक परिवार को 35,000 रुपये का अतिरिक्त मुआवजा देने का आदेश दिया गया है।
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मामला 1: राम सिंह (मेसर्स ए एंड एम टेक्नोलॉजीज)
स्वर्गीय राम सिंह मोहाली की एक फैक्ट्री में कार्यरत थे। 30 अक्टूबर 2021 को काम के दौरान उनकी तबीयत खराब हुई और अगले दिन इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। ईएसआईसी ने इसे रोजगार चोट (ईम्पलॉयमेंट इंजरी) मानने से इनकार करते हुए दावा खारिज कर दिया था। आयोग ने इसे गलत ठहराते हुए 31 अक्टूबर 2021 से 9% ब्याज के साथ लाभ देने का आदेश दिया है।

मामला 2: हरि शंकर (मेसर्स स्वानी रबर इंडस्ट्रीज)
हरि शंकर 1998 से कार्यरत थे। 16 मार्च 2021 को फैक्ट्री में काम के दौरान वे बेहोश होकर गिर गए और 18 मार्च को उनकी मृत्यु हो गई। इस मामले में भी ईएसआईसी ने क्लेम रिजेक्ट कर दिया था। आयोग ने आदेश दिया कि उन्हें भी मृत्यु की तिथि से सभी लाभ प्रदान किए जाएं।
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वर्जन
ईएसआईसी ने उचित सूचना मिलने के बावजूद दावों को गलत तरीके से खारिज किया था। यह फैसला उन हजारों श्रमिकों के लिए उम्मीद की किरण है जिनके जायज दावों को तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया जाता है। - जसबीर सिंह, अधिवक्ता
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