फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mohali News: इंजीनियर रेजीमेंट-70 की टीम ने शिमला में किया राहत कार्य

विज्ञापन
विज्ञापन
पंचकूला। शिमला में बादल फटने से करीब 15 दिन पहले आई प्राकृतिक आपदा में राहत और बचाव कार्य के लिए पंचकूला से भी टीम पहुंची थी। 13 अगस्त को शिमला के कई इलाकों में करीब 72 घंटे तक बारिश होती रही। बादल फटने से वहां एक भयावह स्थिति पैदा हो गई थी। समर हिल के एक मंदिर में कुछ लोग भूस्खलन की चपेट में आ गए और कई घर भी मलबे में दब गए थे। इस हादसे में जान-माल की काफी क्षति हुई थी और करीब 20 लोग मलबे में दब गए थे। सूचना पर इंजीनियर रेजीमेंट-70 की एक टीम तुरंत प्रभाव से 14 अगस्त को आपदा प्रबंधन के लिए शिमला के लिए रवाना हुई। इस टीम में कप्तान कृष्णा गोयल, लेफ्टिनेंट काजल सिंह और नायब सूबेदार खलिलुर रहमान की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आपदा प्रबंधन के कार्य में जुटे। 15 अगस्त को एक और टीम गठित करके एसएसएल के साथ चिनूक हेलिकाप्टर द्वारा शिमला भेजी गई। दोनों टीमों ने मिलकर घटनास्थल की जानकारी ली और एनडीआरफ, एसडीआरएफ के जवानों के साथ मिलकर मलबे में दबे हुए लोगों और साजो-सामान को बाहर निकालने का कार्य शुरू किया। जेसीबी की मदद से भी काफी मलबे को हटाया गया और दिनांक 23 अगस्त तक कुल 17 डेड बॉडी को निकाला गया। इसके अलावा रेजिमेंट के बहादुर जवानों ने एआरटीआरएसी शिमला के एक स्कूल के ऊपर हुए भूस्खलन के कारण मिट्टी से पट चुके स्कूल में राहत कार्य किया। मिट्टी को पत्थर की दीवार बनाकर हटाया गया और मलबे को साफ किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें