पावरकॉम एंड ट्रांसको ठेका कर्मचारी यूनियन, टेक्निकल सर्विसिज यूनियन (भंगाल) और पीएसपीसीएल एएलएम ने की नारेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी
जीरकपुर। शुक्रवार को बिजली कर्मचारियों की प्रमुख यूनियनों ने पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने अपनी लंबित मांगों को लेकर एकजुट संघर्ष तेज करने का एलान किया। यह निर्णय जीरकपुर में आयोजित एक संयुक्त बैठक में लिया गया। बैठक में पावरकॉम एंड ट्रांसको ठेका कर्मचारी यूनियन, टेक्निकल सर्विसेज यूनियन (भंगाल) और नव-नियुक्त पीएसपीसीएल एएलएम कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। कर्मचारियों ने कथित अन्याय और विभिन्न लंबित मांगों पर चर्चा की। नव-नियुक्त एएलएम कर्मचारियों के साथ कथित धक्केशाही पर चिंता जताई गई। बिना उचित कारण किए जा रहे तबादलों का भी मुद्दा उठाया गया। यूनियन नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं होगा। सभी संगठन मिलकर उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करेंगे। पंजाब स्तर पर पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग प्रमुख रही। प्रोबेशन अवधि समाप्त करने और 17 जुलाई 2020 के कर्मचारी विरोधी पत्र को रद्द करने की भी मांग की गई।
प्रमुख लंबित मांगें
बैठक में कई अन्य प्रमुख मांगों पर भी विचार-विमर्श हुआ। इनमें वेतन में बढ़ोतरी और डीए की लंबित किस्तें जारी करना शामिल है। कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग भी उठाई गई। ''समान काम, समान वेतन'' का नियम लागू करने पर भी जोर दिया गया।
यूनियन नेताओं ने किया संबोधित
बैठक को विभिन्न यूनियन नेताओं ने संबोधित किया। पावरकॉम एंड ट्रांसको ठेका कर्मचारी यूनियन की ओर से सर्कल सचिव एकम सिद्धू और सुखविंदर सिंह सुखी ने बात रखी। टेक्निकल सर्विजेज यूनियन (भंगाल) की ओर से पेंशनर प्रधान राजिंदर कुमार ने विचार व्यक्त किए। नव-नियुक्त पीएसपीसीएल एएलएम कर्मचारियों की ओर से प्रदीप सिंह ने संबोधित किया।