मोहाली। शहर में बिजली और पानी का संकट गहराया गया है। इसके चलते रोजाना इलाके के लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। मामले को लेकर बुधवार को कंज्यूमर प्रोटेक्शन फेडरेशन की मीटिंग हुई। इसमें सभी सदस्यों ने इस बात पर चिंता जताई।
संस्था के महासचिव प्रवीन कपूर ने बताया कि मीटिंग प्रधान पीएस विरदी के नेतृत्व में हुई। इस मौके सभी ने कहा कि इलाके में बिजली-पानी की हालत खराब है। प्रधान विरदी ने कहा कि संस्था के सदस्य इस मामले को लेकर कई बार बिजली व वाटर सप्लाई विभाग के अधिकारियों से मिल चुके हैं लेकिन इसमें कोई सुधार नहीं हो रहा है। इतना ही नहीं इलाके में बिना किसी पूर्व सूचना से लाइट बंद कर दी जाती है। इसके अलावा नियमित बिजली कट भी लग रहे हैं जिससे पानी की सप्लाई प्रभावित हो रही है। वहीं, वाटर सप्लाई के अधिकारियों का आरोप है कि बिजली की सप्लाई बंद होने से सप्लाई प्रभावित हो रही है।
वहीं मीटिंग में मांग की गई कि पेट्रोल व डीजल को जीएसटी के घेरे से बाहर लाया जाए। अदालत के फैसले अनुसार जिन मकानों के बिजली के मीटर बाहर लगाए गए हैं, उन उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए एक डिसप्ले उस घर में बिजली विभाग के खचे पर लगाने की मांग भी की गई।
सात साल से नहीं पूरा हो पाया प्रोजेक्ट
इस दौरान मीटिंग में गमाडा अधिकारियों की कजौली वाटर वर्क्स फेज-पांच और छह की पाइप लाइन का काम पूरा न होने की निंदा की। संस्था के सदस्यों का कहना था कि यह काम 2012 में शुरू हुआ था। प्रोजेक्ट सात साल भी अधर में है। इसके चलते लोगों को हर साल पानी के लिए दिक्कत उठानी पड़ती है। लोगों की मांग है कि इस समस्या को पहल के आधार पर हल किया जाए।
वालिया ऑनरेरी कानूनी सलाहकार नियुक्त
इस मौके मीटिंग में एडवोकेट टीपीएस वालिया को ऑनरेरी कानूनी सलाहकार नियुक्त किया गया। मीटिंग में लेफ्टिनेंट कर्नल एसएस सोही संरक्षक, एमएम चोपड़ा, मनजीत सिंह भल्ला, प्रवीन कपूर, गुरचरन सिंह, सोहन लाल शर्मा, बलविंदर सिंह, जसमेर सिंह बाठ, कुलदीप सिंह भिंडर, ज्ञान सिंह, दर्शन सिंह व तजिंदर सिंह आदि मौजूद थे।