मोहाली। सरपंच पद के उम्मीदवार प्रीत पाल सिंह का चुनाव चिह्न कई बैलेट पेपर पर छपा ही नहीं। इस कारण हंगामा हो गया। कुछ समय वोटिंग भी रोकी गई और मामले को शांत करवाया गया। कुछ वोट कैंसल किए गए। इसके बाद वोटिंग दोबारा से करवाई गई।
पंजाब अगेंस्ट करप्शन के अध्यक्ष सतनाम सिंह दांऊ ने आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से दो गांवों के मतपत्र भेजे गए थे। जिससे संशय की स्थिति पैदा हो गई। इसका नुकसान कई उम्मीदवारों को हुआ। उन्होंने कहा कि मतपत्र पर एक सरपंच प्रत्याशी, जिसका चुनाव चिह्न पेड़ है, का नाम नहीं छपा। वह मतपत्र मडोली गांव का था। उन्होंने कहा कि उपस्थित कर्मचारियों ने इस तकनीकी त्रुटि पर ध्यान नहीं दिया, इस कारण उन मतपत्रों पर सरपंच उम्मीदवार का चुनाव चिह्न न होने से भारी नुकसान उठाना पड़ा।
उन्होंने कहा कि इसी असमंजस के कारण गांव दांऊ में बहुत कम मतदान हुआ है। प्रशासन ने एक ही परिवार के वोटों को अलग-अलग वार्डों में बांट दिया गया था। बूथ संख्या एक से पांच तक का पोलिंग बूथ गांव की डिस्पेंसरी में तथा बूथ संख्या छह से नौ सरकारी स्कूल रामगढ़ में था। दोनों बूथों में करीब दो किलोमीटर का फर्क होने के कारण बुजुर्ग वोट देने ही नहीं गए।