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शिक्षा विभाग करेगा प्राइमरी कक्षाओं के सवा दो लाख बच्चों की प्रगति का मूल्यांकन

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कुराली। स्कूल शिक्षा विभाग पंजाब के सरकारी स्कूलों की प्री-प्राइमरी कक्षाओं के सवा दो लाख बच्चों की प्रगति के मूल्यांकन को लेकर 22 और 23 अक्तूबर को अभिभावकों की बैठक का आयोजन किया जा रहा है। शिक्षा मंत्री पंजाब विजेन्द्र सिंगला के नेतृत्व में विभाग की ओर से इन बच्चों के मूल्यांकन के लिए विभाग की ओर से योजना बना ली गई है।
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इस संबंधी विभाग के सचिव कृष्णा कुमार ने बताया कि पंजाब भारत का पहला राज्य है। इसमें राज्य के समूह सरकारी प्राइमरी स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाओं की शुरूआत की गई है। उन्होंने बताया कि सत्र 2018-19 में प्री-प्राइमरी में 1.93 लाख बच्चे पढ़ रहे थे, जो कि सत्र 2019-20 में बढ़कर सवा दो लाख हो गए हैं।
इस संबंधी पंजाब के समूह जिला शिक्षा अधिकारी (एलीमेंटरी) के नेतृत्व में जिले के समूह क्रेंद प्रमुख अध्यापक और ‘पढ़ो पंजाब, पढ़ाओ पंजाब’ की टीम की वीडियों कांफ्रेंस द्वारा एक दिन की कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें अभिभावक और अध्यापक की बैठक संबंधी विस्तार से चर्चा की गई। कृष्ण कुमार ने बताया कि 22 और 23 अक्तूबर को प्री-प्राइमरी में पढ़ते बच्चों के अभिभावकों की बैठक करवाई जाएगी। इसमें चर्चा के बाद विभाग की ओर से प्री-प्राइमरी के बच्चों की प्रतिभा उभारने के लिए भेजे गए गूगल फार्म द्वारा प्राइमरी को पढ़ाने वाले अध्यापक मूल्यांकन करेंगे। उन्होंने बताया कि प्री-प्राइमरी के लिए लर्निंग लैडर, प्री-प्राइमरी के लिए ब्रेन बूस्टर पुस्तकें और अध्यापकों के लिए नैतिक शिक्षा आधारित पुस्तक स्वागत जिंदगी स्कूलों में पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि बच्चों के शारीरिक, सामाजिक, भावनात्मक, बौद्धिक और गणितक विकास आधारित गतिविधियां करवाई जाएंगी। स्टेट कोआर्डिनेटर दविन्द्र बोहा ने बताया कि गूूगल फार्म पर अध्यापक संबंधित बच्चे की जानकारी अपडेट करेंगे और इस संबंधी हिदायतें जारी कर दी गई हैं।
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