मोहाली। नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ी कमाई को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई तेज हो गई है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की विशेष अदालत ने आरोपी बलविंदर राम के खिलाफ संज्ञान लेते हुए उसे अदालत में तलब करने का आदेश दिया है। मामले में अब 29 जुलाई को आरोप तय करने पर बहस होगी। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि रिकॉर्ड से प्रथम दृष्टया यह सामने आता है कि आरोपी नशीले पदार्थों की ढुलाई और उससे प्राप्त रकम के उपयोग में शामिल था। कोर्ट ने इस कमाई को ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ माना है, जो पीएमएलए के तहत अपराध की श्रेणी में आता है।
ईडी ने यह शिकायत प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) की धारा 3 और 4 के तहत दर्ज की थी। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का हवाला देते हुए आरोपी को नोटिस जारी किया गया था, जिसके बाद बलविंदर राम अपने वकील के माध्यम से अदालत में पेश हुआ। मामला 20 फरवरी 2019 का है, जब पंजाब के मानसा जिले के थाना सरदूलगढ़ पुलिस ने गांव खेड़ा कलां के पास एक सफेद मारुति जेन कार को रोका था। जांच के दौरान वाहन से ट्रामाडोल टैबलेट, बुप्रेनॉर्फिन और फेनरगन इंजेक्शन सहित भारी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद हुआ था। मौके से तीन लोगों में से बलविंदर राम फरार हो गया था, जिसे बाद में 14 सितंबर 2019 को गिरफ्तार किया गया। ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी दिहाड़ी मजदूर था और अज्ञात व्यक्तियों के लिए नशीले पदार्थों की ढुलाई करता था। इसके बदले मिलने वाली रकम को एजेंसी ने अवैध कमाई मानते हुए मनी लॉन्ड्रिंग का आधार बताया है। बरामद नशीले पदार्थों की कीमत करीब 2.67 लाख रुपये आंकी गई थी।