चंडीगढ़। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) चंडीगढ़ ने अंतरराज्यीय ड्रग ट्रैफिकिंग से जुड़े एक बड़े नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। ईडी ने मध्यप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में एक साथ कई ठिकानों पर छापे मारे हैं। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत दर्ज मामले में की गई।
यह मामला गोपाल लाल अंजना, छिंदरपाल सिंह उर्फ केवल, यादविंदर सिंह और अन्य के खिलाफ चल रहा है। ईडी की जांच हरियाणा पुलिस द्वारा एनडीपीएस एक्ट 1985 के तहत दर्ज एफआईआर और दायर चार्जशीट के आधार पर शुरू की गई थी। ईडी ने रेड कर इन ठिकानों से कई आपत्तिजनक दस्तावेज, संपत्ति रिकॉर्ड और अवैध धन के सबूत जब्त किए हैं।
एजेंसी ने दो उच्च मूल्य वाली आवासीय संपत्तियों और कई कृषि भूमि की भी पहचान की है, जो गोपाल लाल अंजना, छिंदरपाल सिंह और यादविंदर सिंह के नाम पर हैं। इन संपत्तियों की कीमत कई करोड़ रुपये बताई जा रही है और इन्हें ड्रग्स तस्करी के कारोबार से अर्जित धन से बनाया गया है। जांच में सामने आया है कि छिंदरपाल सिंह और उसके भतीजे यादविंदर सिंह पिछले कई साल से गोपाल लाल अंजना की मदद से अफीम की खरीद और बिक्री में शामिल रहे हैं।
गोपाल लाल अंजना राजस्थान के चित्तौड़गढ़ का रहने वाला है और उस पर आरोप है कि उसने अपने परिवार को मिले अफीम लाइसेंस का दुरुपयोग कर उसका एक हिस्सा अवैध व्यापार में बेचा। ईडी के अनुसार अफीम की खेप का एक हिस्सा भोला सिंह, जसमीत सिंह और हरजीत सिंह को बेचा गया था जबकि शेष मात्रा हरियाणा पुलिस ने छिंदरपाल और यादविंदर के कब्जे से बरामद की थी।
छिंदरपाल सिंह पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी ठहराया जा चुका है। उसके खिलाफ 2 फरवरी 2006 को धारा 17 और 18 के तहत मामला दर्ज हुआ था। इसके अलावा 1 फरवरी 2022 को दर्ज एफआईआर में भी उसे एनडीपीएस एक्ट की धारा 17 के तहत आरोपी बनाया गया है।