मनी लॉड्रिंग के एक मामले में नामजद पंजाब पुलिस के बर्खास्त इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी 24 अक्तूबर को की गई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को मोहाली कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे एक दिन के लिए ईडी की रिमांड पर भेजा गया। रिमांड खत्म होने के बाद पूर्व इंस्पेक्टर को दोबारा कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे 8 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
जून 2023 में नशे से जुड़े एक मामले में पूर्व इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह की 1.32 करोड़ की प्रॉपर्टी ईडी ने कुर्क की थी। ईडी ने पीएमएलए की धारा 65, बीएनएसएस 2023 की धारा 187(2) और सीआरपीसी की धारा 167 (2) के तहत मोहाली अदालत में याचिका दायर कर बर्खास्त इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह की दो दिन की ईडी हिरासत की मांग की थी। याचिका में कहा गया था कि पूर्व इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह ने जनवरी 2011 से सितंबर 2020 तक वेतन खाते से कोई पैसा निकाला ही नहीं। ऐसे में उससे पूछताछ करनी है।
सुनवाई के दौरान ईडी ने अदालत को बताया कि पूछताछ के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया जाना है लेकिन वह गिरफ्तारी वारंट पर हस्ताक्षर नहीं कर रहा। ऐसे में गिरफ्तारी के कागजात तैयार किए गए और आरोपी से पूछताछ के लिए अदालत से दो दिन की मोहलत मांगी गई थी।
अदालत में आरोपी के पास कोई वकील उपलब्ध नहीं था। उसे कानूनी सहायता प्रदान की गई। आरोपी ने अदालत को बताया कि उसे वर्तमान मामले में झूठा फंसाया जा रहा है। उसे जान का खतरा है और पहले भी ईडी अधिकारियों ने पूछताछ की थी, जब वह सेंट्रल जेल पटियाला में हिरासत में था। आरोपी ने दलील दी कि उसके खिलाफ तीन झूठे मामले दर्ज किए गए हैं और वास्तव में उसे वरिष्ठ अधिकारियों के बीच झगड़े के मामलों में झूठा फंसासा गया है और उसे बलि का बकरा बनाया गया है। अदालत ने सुनवाई करते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ पहले भी तीन मामले दर्ज हैं इसलिए उसकी बात पर विश्वास करना कठिन है। अदालत ने ईडी को पूछताछ के लिए एक दिन उसे हिरासत में रखने की अनुमति दी।
2017 में 4 किलो हेरोइन और 3 किलो स्मैक मिली थी
आरोपी इंद्रजीत सिंह को सबसे पहले एसटीएफ ने वर्ष 2017 में ड्रग्स रैकेट मामले में गिरफ्तार किया था। एसटीएफ को फगवाड़ा में उनके क्वार्टर से 4 किलो हेरोइन और 3 किलो स्मैक बरामद हुई थी। साथ ही जालंधर में उनके घर से 9 एमएम की इटली मेड पिस्टल, एक एके-47 और 400 जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। वहीं 16.50 लाख कैश और 3550 ब्रिटिश पाउंड और एक कार भी जब्त की गई थी। एसटीएफ की पूछताछ में सामने आया था कि इंद्रजीत सिंह के सर्विस रिकार्ड से पता चला कि वह जहां भी गया वहां ड्रग्स खेप की बरामदगी बढ़ी। तरनतारन में पोस्टिंग के दौरान उन्होंने 13 बार ड्रग की बड़ी खेप बरामद की थी। इंस्पेक्टर बरामदगी के बाद ड्रग का एक हिस्सा अपने पास रख लेता था। इसके साथ ही वह अपने पास रखे नशीले पदार्थ उन्हीं तस्करों को बेच देता था और अपना मोटा कमीशन रखता था। आरोपियों का मुंह बंद करने के लिए उन्हें जल्द रिहा कराने का वादा करता था। जाहिर है उन पर केस इस तरह का बनाया जाता था कि आरोपियों की रिहाई जल्द हो जाती थी। इसके बाद ईडी ने उसके खिलाफ जांच शुरु की थी।