कूड़ा निस्तारण के लिए रखे वाहन बन रहे कबाड़। संवाद
मोहाली। नगर निगम शहर में सफाई और कूड़े के निस्तारण के लिए लाखों रुपये खर्च कर रही है, इसके बावजूद शहर में कूड़े की समस्या जस की तस बनी हुई है। कूड़े का प्रबंध, गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग करने की योजना भी ठंडे बस्ते में जा चुकी है। इस योजना के लिए नगर निगम ने लाखों रुपये खर्च कर कई वाहन और रेहड़ियां खरीदीं थीं। वर्तमान में ये सब कूड़े में तब्दील हो रही हैं। कई माह से ये वाहन और रेहड़ियां सेक्टर-78 स्थित स्थित फायर ब्रिगेड स्टेशन में खड़े कंडम हो रहे हैं। जबसे इनको खरीद कर रखा गया है तब से ही इनसे कोई काम नहीं लिया गया है। अगर सही समय पर इसका इस्तेमाल शुरू हो जाता तो शहर में गीले और सूखे कूड़े को लेकर समस्या नहीं होती।
मोहाली नगर निगम ने गीले और सूखे कचरे को अलग करने के लिए नीले डस्टबिन, कचरा उठाने वाली 25 साइकिल रिक्शा और 13 टाटा एस मिनी ट्रक खरीदे थे। सेक्टर-78 स्थित फायर ब्रिगेड स्टेशन में इन गाड़ियों की देखभाल न होने के कारण धीरे-धीरे कबाड़ में तब्दील हो रहे हैं। स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए साल 2017 में सेक्टर-71 में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कचरा पृथक्करण योजना शुरू की गई थी। 5 जून 2017 को तत्कालीन स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने इसे औपचारिक रूप से शुरू किया था। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए तत्कालीन नगर निगम आयुक्त कमल कुमार गर्ग ने 45 विशेष कचरा-एकत्रित करने वाली गाड़ियां खरीदी गई थीं।
मामला अभी संज्ञान में आया है। आने वाले एक-दो महीने में इन गाड़ियों का उपयोग किया जाएगा। एक बार सरकारी मंजूरी मिल जाने के बाद इन वाहनों को खराब होने से बचाने के लिए निजी ठेकेदार को आउटसोर्स किया जाएगा। इसके अतिरिक्त निजी ठेकेदार सभी रखरखाव, ईंधन और अन्य खर्चों को वहन करने के लिए जिम्मेदार होगा। इसके अलावा रेहड़ियों को भी जल्द ही उपयोग में लाया जाएगा। - परमिंदर पाल सिंह संधू, कमिश्नर नगर निगम मोहाली।