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सिंघपुरा गांव के गुरद्वारा साहिब की जमीन पर निशानदेही करने पहुंचे कानूनगो दो पक्षों के लोग इकठा होने के चलते निशानदेही को किया

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जीरकपुर। चंडीगढ़-अंबाला हाईवे पर गांव सिंघपुरा के श्री गुरद्वारा साहिब की जमीन का विवाद लंबे समय से चल रहा है। इस पर दशमेश मार्बल के मालिक ने कब्जा किया हुआ है। शुक्रवार को एसडीएम डेराबस्सी के आदेश पर कानूनगो जीरकपुर की ओर से मौके पर पहुंचकर इस जमीन की निशानदेही का समय रखा गया था। लेकिन जब निशानदेही के लिए कानूनगो पहुंचे तो इस पर कब्जा करने वाले दशमेश मार्बल के मालिक और गांव सिंघपुरा के काफी संख्या में लोग जमा हो गए। यहां पर झगड़े की आशंका को देखते हुए कानूनगो कुलदीप सिंह की ओर से पुलिस सहायता की मांग की गई है। इस पर अब त्योहार के चलते पुलिस व्यस्त होने के कारण निशानदेही का समय दीवाली के बाद का रखा गया है। हालांकि अभी कोई तारीख तय नहीं की गई है। वहीं गांव सिंघपुरा के लोगों का कहना है कि यह जमीन पिछले 70-80 साल से गुरु ग्रंथ साहिब के नाम पर है। इस पर देशमेश मार्बल की ओर से कब्जा किया हुआ है। इसे खाली करने के लिए अपील की गई है।
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क्या है मामला
इस संबंणी गांव निवासियों में सुरजीत सिंह, अमरीक सिंह, प्रेम सिंह, दरबारा सिंह, दलजीत सिंह, दविंदर सिंह, रविंदर सिंह मिठू, सरबजीत सिंह, अमनदीप सिंह, रविंदर सिंह कुकी, तलविंदर, बलजीत सिंह, नंबरदार मंजीत सिंह, गुरदीप सिंह, संदीप सिंह ने बताया कि यह जगह हमारे बजुर्गों के समय से गुरु ग्रंथ साहिब के नाम पर बोल रही है। हैरानी है कि किसी गांव निवासी को यह नहीं पता कि यह जगह कब और किसने गुरद्वारा साहिब के नाम पर की है। गांव के 80 वर्षीय दरबारा सिंह ने बताया की हमने जब से होश संभाला है, तब से यह जमीन गुरु ग्रंथ साहिब के नाम पर थी। इस पर पिछले कई साल से दशमेश मार्बल द्वारा कब्जा किया हुआ। इसको लेकर वह अदालत में भी जा चुके हैं और अदालत द्वारा सिंघपुरा गांव निवासियों के हक में फैसला सुनाया गया है। इसके चलते उन्होंने एसडीएम डेराबस्सी से कब्जा गांव निवासियों को दिलाने के लिखित आग्रह किया था। इसके चलते शुक्रवार को कानूनगो द्वारा निशानदेही करने आए थे, लेकिन कुछ लोग वहां माहौल खराब करने की नियत से इकट्ठे हुए हैं। जबकि वह चाहते हैं कि शांति पूर्वक कब्जा खाली करवा दिया जाए, इसके लिए वह प्रशासन का सहारा ले रहे हैं।
कोट्स
एसडीएम डेराबस्सी के आदेश पर निशानदेही करने के लिए आए थे, लेकिन यहां दोनों पक्षों के काफी लोग मौजूद थे। झगड़ा न हो इसलिए पुलिस सहायता के लिए बोला गया है और निशानदेही मुल्तवी कर दी गई है। दीवाली के बाद दोबार समय तय किया जाएगा और निशानदेही से पहले दोनों पक्षों को सूचित किया जाएगा। -कुलदीप सिंह, कानूनगो जीरकपुर।
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