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मांगों को लेकर सड़क पर उतरे डाक्टर, बैरिकेडिंग्स तोड़कर बढ़े सीएम आवास की ओर

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मोहाली। पंजाब भर के डॉक्टरों की ओर से एनपीए की मांग को लेकर शुक्रवार को फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल पहुंचकर रोष प्रदर्शन किया गया। इस रोष प्रदर्शन में पूरे पंजाब से पहुंचे करीब 2000 डॉक्टरों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं ज्वांइट कमेटी की और से 23 को चलो चंडीगढ़ का नारा लगते हुए डॉक्टर मोहाली पहुंचे। डॉक्टरों द्वारा अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के आवास पर रोष मार्च निकालने का फैसला किया गया था। पंजाब पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों को अनाज मंडी चौक पर ही रोक लिया। सेहत मंत्री ने वहां पहुंच कर डाक्टरों से बात की और एक सप्ताह के भीतर मांगे पूरी करने का वादा किया।
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पंजाब के हर जिले से मोहाली पहुंचे डॉक्टरों ने एप्रन पहनकर कड़ी धूप में पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने सरकार को याद दिलाया कि ये वही डॉक्टर हैं जिन्होंने महामारी के दौरान कोरोना योद्धा बनकर मानवता की सेवा की मिसाल पेश की है। यह शर्म की बात है कि अब सरकार की गलत नीतियों के चलते डॉक्टर अपने हक को लेने के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं।
पीसीएमएस एसोसिएशन के महासचिव डॉ. मनोहर सिंह ने कहा कि जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों का पहला काम जनहित के लिए काम करना है लेकिन सरकार दिन-रात लोगों की सेवा करने वाले डॉक्टरों को संघर्ष करने के लिए मजबूर कर रही है। इस बीच अस्पतालों में पहुंच रहे मरीजों को हो रही परेशानी के लिए डॉक्टरों ने खेद प्रकट किया। वहीं रोष प्रदर्शन का समय सुबह के 10 बजे का रखा गया था, लेकिन नवजोत सिंह सिद्धू की पंजाब प्रधान के तौर पर ताजपोशी के चलते रोष प्रदर्शन को दो घंटो के लिए स्थगित कर दिया गया। इसी बीच डॉक्टरों द्वारा मोहाली अस्पताल में आने वाले मरीजों को देखा गया, लेकिन 12 बजे के बाद मरीज डॉक्टरों का इंतजार करते दिखाई दिए। जिनमें कुछ गर्भवती महिलाएं और इमरजेंसी के मरीज शामिल थे।
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डॉक्टरों का विरोध मार्च सिविल अस्पताल फेज-6 से होता हुए चंडीगढ़ मुख्यमंत्री आवास की ओर रवाना हुआ। पुलिस प्रशासन की ओर से पहले ही अस्पताल के गेट पर बैरिकेडिंग कर दी गई थी। जिसे गुस्साए डॉक्टरों ने तोड़कर तपती धूप में मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया। वहीं प्रदर्शनकारी डॉक्टरों को पुलिस प्रशासन ने अनाज मंडी चौक पर ही रोक दिया। डॉक्टरों द्वारा चौक पर ही बैठकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। जिसके बाद प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने पुलिस को चेतावनी दी है कि अगर सरकार का कोई नुमाइंदा आधे घंटे में नहीं पहुंचता है तो चंडीगढ़ की ओर लगाए गए बेरिकैडिंग को तोड़कर आगे बढ़ा जाएगा।
इसी बीच पंजाब सरकार की ओर से सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू डॉक्टरों से मांग पत्र लेने धरना स्थल पहुंचे और डॉक्टरों के समूह को संबोधित करते हुए कहा कि एनपीए को लेकर डॉक्टरों की मांग एक हफ्ते के अंदर पूरी करने का भरोसा दिया। डॉक्टरों ने कहा कि उनका संघर्ष जारी रहेगा, लेकिन धरना फिलहाल एक हफ्ते के लिए टाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि संघर्ष के लिए आगे की रणनीति का फैसला वीडियो कांफ्रेंसिंग बैठक के माध्यम से किया जाएगा।
पीसीएमएस के प्रधान डॉ. गगनदीप सिंह, पशु चिकित्सा अधिकारी संघ के प्रधान डॉ. सरबजीत सिंह रंधावा, पीसीएमएसए वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. गगनदीप सिंह शेरगिल, डेंटल एसोसिएशन, आयुर्वेदिक एसोसिएशन, आरएमओ एसोसिएशन, होम्योपैथिक एसोसिएशन, ग्रामीण चिकित्सा अधिकारी संघ के नेताओं द्वारा एक-एक करके मंच पर पहुंच कर डॉक्टरों की सभा को संबोधित किया गया और सरकार को चेतावनी दी कि अगर डॉक्टरों की जायज मांगों को तुरंत पूरा नहीं किया गया, तो राज्य के सभी डॉक्टर मिलकर संघर्ष तेज करेंगे।
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