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Mohali News: रात को डॉक्टर गायब, शौचालय के बाहर मरीजों को चढ़ाई जा रही ग्लूकोज

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मोहाली। फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल में रात के समय मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में वरिष्ठ चिकित्सक उपलब्ध नहीं होते, जिससे मरीजों को भगवान भरोसे छोड़ दिया जाता है। अमर उजाला की सोमवार रात की रिपोर्टिंग में यह बदहाल व्यवस्था सामने आई है। इसमें तीमारदार जमीन पर सोते और मरीजों को आपातकालीन वार्ड के शौचालय के बाहर नसों में दवा चढ़ाते देखा गया। संवाद
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तीमारदार जमीन पर सोते मिले
रिपोर्टिंग के दौरान जच्चा-बच्चा वार्ड के बाहर नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) के सामने तीमारदार जमीन पर सोते मिले। महिला शौचालय के बाहर भी लोग लेटे और खाना खाते दिखाई दिए। रात 11 बजे से 12 बजे तक आपातकालीन वार्ड में शौचालय के बाहर जगह की कमी के कारण मरीजों को नसों में दवा चढ़ाकर इलाज किया जा रहा था। अस्पताल में सफाई और रात के समय मरीजों के लिए बैठने व आराम करने की व्यवस्था भी कमजोर पाई गई।


तीमारदारों को नहीं मिलती जगह

रात 10 बजे नवजात गहन चिकित्सा इकाई के सामने कई तीमारदार जमीन पर सोते मिले। अस्पताल में रात के समय उनके बैठने या आराम करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी। दूर-दराज से आए परिजन फर्श पर ही रात गुजारने को मजबूर दिखे। महिला शौचालय के बाहर भी मरीज और उनके परिजन जमीन पर लेटे मिले। कुछ लोग वहीं खाना खाते भी नजर आए। तीमारदारों ने रात में सुरक्षा और सफाई की अपर्याप्त व्यवस्था बताई।
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आपातकालीन वार्ड में शौचालय के बाहर इलाज

रात 11 बजे से 12 बजे तक आपातकालीन वार्ड का दौरा किया गया। इसमें आपातकालीन वार्ड में शौचालय के बाहर मरीज को नसों में दवा चढ़ाकर इलाज करते हुए देखा गया। आपातकालीन वार्ड में पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण मरीजों को इधर-उधर बैठकर या लेटकर उपचार करवाना पड़ रहा था। फेज-5 निवासी सुधीर शर्मा ने इस पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शौचालय के बाहर नसों में दवा चढ़ाए जाने से संक्रमण का खतरा बना रहता है। यहां इलाज कराने में बदबूदार गंदगी का सामना करना पड़ रहा है।



मरीजों की शिकायतें और अस्पताल प्रशासन का जवाब

फेज-7 निवासी बलविंदर कौर ने बताया कि उनके बेटे को सांप ने काट लिया है। उन्होंने कहा कि रात में वरिष्ठ चिकित्सक के बच्चे को देखने नहीं आने से इलाज को लेकर चिंता बनी रहती है। बलविंदर कौर ने अस्पताल में गंदगी और सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। मनीमाजरा निवासी सुनीता देवी ने बताया कि उन्हें पेट दर्द की शिकायत थी। इलाज शुरू होने में करीब दो घंटे लग गए, जिससे उन्हें परेशानी हुई। उन्होंने डॉक्टरों की लापरवाही और अतिरिक्त डॉक्टरों की तैनाती की मांग की। इस संबंध में सिविल अस्पताल फेज-6 के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक अमित अग्रवाल ने कहा कि अस्पताल में एक मरीज के साथ एक ही परिजन के रहने की व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि कई बार अधिक परिजन आने से भीड़ बढ़ जाती है और व्यवस्थाएं प्रभावित होती हैं। अमित अग्रवाल ने यह भी कहा कि लिखित शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सिविल अस्पताल में एक मरीज के साथ एक ही परिजन के रहने की व्यवस्था है। कई बार एक मरीज के साथ कई परिजन आ जाने से वार्ड और परिसर में भीड़ बढ़ जाती है, जिससे व्यवस्थाएं प्रभावित होती हैं। अगर कोई लिखित शिकायत मरीजों की ओर से मिलती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. अमित अग्रवाल, एडिशनल मेडिकल सुपरिटेंडेंट, सिविल अस्पताल फेज-6 मोहाली
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