मोहाली। जिले में बढ़ रहे कोरोना के केसों के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह से हरकत में आ गया है। वीरवार को डीसी गिरीश दियालन ने जिले के प्राइवेट अस्पतालों के मालिकों के साथ एक मीटिंग की।
डीसी ने मीटिंग में जहां इस बीमारी से निपटने की प्लानिंग तैयार की, वहीं इन हालातों से शहर के लोगों को निकालने के लिए दो कमेटियां गठित की गई। डीसी ने साफ कहा है कि लोगों की सेहत को गंभीरता से लिया जाए, ताकि लोगों की जान बचाई जा सके।
बता दें कि एक बार तो पुलिस और सेहत विभाग की कड़ी मेहनत से जिला मोहाली को कोरोना मुक्त बना जा चुका है। लेकिन उसके बाद से इंटर स्टेट मूवमेंट्स और फ्लाइट्स की आवाजाही शुरू होने के बाद से मोहाली में लगातार कोरोना के केस सामने आ रहे हैं। जबकि गत दिनों एक कोरोना पीड़ित मरीज की मौत हो गई थी। ऐसे में अब जिला प्रशासन पूरी तरह से गंभीर हो गया है और प्रत्येक चीज पर नजर रखी जा रही है।
इसके मद्देनजर वीरवार को डीसी ने अस्पतालों के प्रबंधकों से मीटिंग कर उन अस्पतालों की पहचान की जो कि कोरोना के मरीजों का बेहतरीन इलाज कर सकते हैं। हालांकि अस्पतालों की सूची पहले ही तैयार की जा चुकी है और इस मौके पर दो कमेटियां गठित की गई, जिनमें एक सलाहकार कमेटी है। जो कि पॉजिटिव मामलों के चिंताजनक स्थिति में पहुंचने पर सलाह देगी।
दूसरी तरफ एक रेफरल कमेटी बनेगी जो कि अस्पताल के स्तर पर एल-1, एल-2 और ए-3 के बारे में सुझाव देगी। जिससे जिला स्तर पर स्थापित किए गए अस्पतालों में कोरोना के मरीजों को बढ़िया इलाज मिल पाए और इसके साथ ही इलाज संबंधी रेट वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए। इस दौरान कोरोना काल में मेडिकल क्षेत्र में बढ़िया सेवाएं देने वाले लोगों को बैज लगाकर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर एडीसी आशिका जैन, सहायक कमिश्नर जनरल यशपाल शर्मा, सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह और जिला एपीडैमोलोजिस्ट डॉ. हरसमरन सिंह शामिल है। बता दें कि मोहाली में अब तक 278 मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें से 76 एक्टिव केस हैं। जबकि 198 लोग तंदरुस्त होकर घर चले गए हैं। वहीं, चार लोगों की मौत हो चुकी है।