फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mohali News: पीआर 7-9 पर और टीडीआई रोड के किनारे नहीं दिखेगी गंदगी

विज्ञापन
विज्ञापन
मोहाली। शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली एयरपोर्ट रोड के किनारे लगे कूड़े के ढेर जल्द ही हट जाएंगे। इसके लिए गमाडा तैयारी करने जा रहा है। गमाडा के अधिकारियों के मुताबिक इस काम के लिए गमाडा करीब 1.39 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इस काम को शुरू कराने के लिए विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही विभाग सफाई के काम का ठेका निजी कंपनी को जारी कर देगा।
विज्ञापन

विभागीय सूत्रों के मुताबिक गमाडा ने इस बार फैसला किया है कि वह भी स्वच्छ रैंकिंग में शहर को स्थान दिलाने के लिए काम करेगा। इसके लिए विभाग पीआर-7, पीआर-9 और टीडीआई रोड की सफाई का ठेका 31 मार्च 2024 तक देने जा रहा है। हालांकि इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि इस रोड पर सफाई का काम मशीन से न होकर मैनुअल तरीके से होगा। गमाडा के इस फैसले से लोग यहां संतुष्ट हैं। वहीं, विशेषज्ञों के मुताबिक इतनी बड़ी सड़क पर गमाडा को मशीनों से सफाई का ठेका देना चाहिए।

वहीं, विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अभी तक गमाडा के अधीन आते किसी भी इलाके में मशीनों से सफाई नहीं करवाई जा रही है। इसके चलते इस इलाके में भी सफाई का काम मैनुअल ही होगा। यह काम जल्द शुरू हो जाएगा। इसके बाद एयरपोर्ट रोड पर फैली गंदगी की शिकायतों में कमी आएगी। वहीं, उन्होंने लोगों से भी अपील की है कि वे घरों का कूड़ा एयरपोर्ट रोड के किनारे या पटियाला की राव में फेंकने के बजाय सही स्थान पर फेंके। अगर ऐसा करते हुए कोई पकड़ा जाता है तो संबंधित विभाग उस पर कार्रवाई भी कर सकता है।
विज्ञापन




कंपनी के काम पर कई बार उठे सवाल



शहर में प्राइवेट कंपनी को दिए गए सफाई के ठेके का कई बार विरोध हो चुका है। पहले तो आरोप लगते रहे है कि कंपनी ने नियमों के मुताबिक मुलाजिम तक नहीं रखे हुए हैं। यह मुद्दा हाउस की मीटिंग में कई बार उठा चुका है। इसके अलावा मार्केटों की सफाई का काम कई बार ठप हुआ है। क्योंकि काम संभालने वाली कंपनी ने पहले उचित तरीके से बीट तक नहीं बनाई थी। इसके चलते यह समस्या आ रही थी। इसके बाद सफाई की बीट बनाई गई थी।

इस बार भी स्वच्छता में रैंकिंग गिरने का खतरा

स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 में वीआईपी सिटी मोहाली को इस बार झटका लगा। इस साल 32 पायदान नीचे गिरकर जिले को देशभर में 113वीं रैंक मिली। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस बार राज्य में मोहाली को तीसरी रैंक मिली है। वहीं, पिछले साल मोहाली की 81वीं रैंक थी। इस बार रैंकिंग गिरने के पीछे सबसे बड़ा कारण मशीनों से सफाई का ठेका छह महीने से न होना है। इस बार शहर के अंदर निगम मशीनों से सफाई नहीं करवा सका है इसलिए इस बार भी रैंकिंग पर असर पड़ सकता है। वहीं, अगर निगम कूड़े का पहाड़ कम करने में भी सफल नहीं रहा तो स्वच्छता रैंकिंग पर असर पड़ना तय है। वहीं, गमाडा के प्रयास से शायद इस बार रैंकिंग में कुछ सुधार देखने को मिले।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें