मोहाली। पुलिस रैंक में करप्शन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने वीरवार को पुलिस के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) हरचरण सिंह भुल्लर को रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया। रोपड़ रेंज में मोहाली, रोपड़ और फतेहगढ़ साहिब जिले आते हैं। दिल्ली और चंडीगढ़ की सीबीआई टीमों ने मिलकर ऑपरेशन किया और सीनियर आईपीएस अधिकारी को उनके मोहाली हेड ऑफिस से तब पकड़ा जब वह फतेहगढ़ साहिब के मंडी गोबिंदगढ़ में रहने वाले एक शिकायतकर्ता से रिश्वत ले रहे थे। शिकायतकर्ता एक लोहा व्यापारी हैं। उसने एजेंसी से संपर्क करके दावा किया था कि डीआईजी ने लोहे और स्टील के सामान की चोरी से जुड़े एक मामले का निपटारा करने के लिए मोटी रकम मांगी थी।
सीबीआई के अधिकारियों ने कन्फर्म किया कि अधिकारी के पास से फिनोलफ्थेलिन-कोटेड करेंसी नोट बरामद हुए। स्टैंडर्ड ट्रैप प्रोसीजर के तहत जब डीआईजी के हाथ एक केमिकल सॉल्यूशन में धुलवाए गए, तो लिक्विड गुलाबी हो गया। इससे रिश्वत के रुपये आने की पुष्टि हुई। ऑफिसर को तुरंत कस्टडी में ले लिया गया और आगे की पूछताछ के लिए एक अनजान जगह पर ले जाया गया। भुल्लर के चंडीगढ़ में सेक्टर 40 वाले घर और मोहाली में उनके ऑफिस में एक साथ तलाशी ली गई। टीमें लगभग छह घंटे तक वहां रहीं और डॉक्यूमेंट्स, फाइलें, प्रिंटआउट और कुछ कैश जब्त किया। यह जांच दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुई और शाम 6 बजे तक चली। इसके बाद अधिकारी जब्त किए गए सामान के कई बॉक्स लेकर चले गए। सीबीआई ने अभी तक रिश्वत की कुल रकम या लगाए जाने वाले सही चार्ज नहीं बताए हैं, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत एक फॉर्मल केस रजिस्टर किया जा रहा है।
2009 बैच के आईपीएस ऑफिसर डीआईजी भुल्लर, 27 नवंबर 2024 को रोपड़ रेंज में पोस्ट होने से पहले एसएसपी मोहाली और डीआईजी पटियाला रेंज के तौर पर काम कर चुके हैं। वे पहले भी विवादों में रहे हैं। एसएसपी मोहाली के तौर पर काम करते हुए उन पर एक जूनियर महिला पुलिस ऑफिसर ने सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप लगाया था। बाद में उनके ट्रांसफर और उसके बाद प्रमोशन के बाद यह मामला रफा-दफा हो गया। भुल्लर की गिरफ्तारी उनके रेंज की पुलिस द्वारा एमपी नवनीत चतुर्वेदी को गिरफ्तार करने के ठीक एक दिन बाद हुई, जो चंडीगढ़ पुलिस की सुरक्षा में थे। उन्होंने उस स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) को भी हेड किया था जिसने ड्रग स्मगलिंग की जांच में अकाली दल के सीनियर लीडर बिक्रम सिंह मजीठिया से पूछताछ की थी। एक मौजूदा डीआईजी के खिलाफ सीबीआई की कार्रवाई हाल के सालों में पंजाब पुलिस में सबसे हाई-प्रोफाइल भ्रष्टाचार गिरफ्तारियों में से एक है, जिससे कानून लागू करने वाले सीनियर लेवल पर जवाबदेही और ईमानदारी पर सवाल उठ रहे हैं।