चंडीगढ़। सेवानिवृत्त आईएएस मोहिंदर सिंह के चंडीगढ़ स्थित आवास पर छापा मारकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने करीब 12 करोड़ के हीरे, 7 करोड़ के सोने के गहने और 1.1 करोड़ की नकदी बरामद की है। ईडी ने यह कार्रवाई नोएडा की रीयल एस्टेट कंपनी हैसिंडा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के साझेदार मेरठ निवासी आशीष गुप्ता के ठिकानों पर छापे के साथ की। बुधवार को मेरठ, दिल्ली, नोएडा, चंडीगढ़ और गोवा स्थित ठिकानों पर छापे मारे गए।
इस कार्रवाई से पूर्व आईएएस मोहिंदर सिंह की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। दरअसल, मोहिंदर सिंह वर्ष 2007 से 2011 के बीच बसपा सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे थे। बसपा सरकार ने नोएडा सहित लखनऊ में करोड़ों की लागत से महापुरुषों के नाम पर स्मारक व पार्कों का निर्माण करवाया, जिसमें करीब 1400 करोड़ का घोटाला सामने आया था। इसमें मोहिंदर का नाम भी काफी उछला था। इसमें यूपी विजिलेंस ने मोहिंदर को जांच में शामिल होने का नोटिस भी भेजा था। इसके अलावा मोहिंदर पर नोएडा में एक निजी बिल्डर को 330 फ्लैट बनवाने में फायदा पहुंचाने का आरोप है।
नवंबर 2011 में मोहिंदर सिंह नोएडा डेवलपमेंट अथॉरिटी के सीईओ बनाए गए थे। इस दौरान शारदा एक्सपोर्ट प्रोजेक्ट के नाम से आदित्य और आशीष गुप्ता नोएडा में बुलेवार्ड नामक रिहायशी अपार्टमेंट बना रहे थे। इस प्रोजेक्ट में 330 फ्लैट बनाने के लिए निवेशकों से 636 करोड़ रुपये जुटाए गए थे लेकिन कंपनी ने लोगों को फ्लैट देने के बजाय प्रोजेक्ट की सात एकड़ भूमि दूसरे बिल्डर को बेच दी थी। ईओडब्ल्यू ने कंपनी और निदेशकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए थे, जिसकी जांच ईडी को सौंपी गई थी। जांच में पता चला कि कंपनी संचालक गुप्ता बंधुओं को मोहिंदर सिंह ने नियमों के विरुद्ध जाकर लाभ पहुंचाया था।
यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में चला गया था और आरोपी पक्ष को आदेश दिए गए थे कि फरवरी 2024 तक 166 करोड़ रुपये नोएडा डेवलपमेंट अथॉरिटी में जमा कराएं लेकिन कंपनी ने प्रोजेक्ट के नाम पर निवेशकों से रकम जुटाकर अपने दूसरे प्रोजेक्ट में लगा दी थी। इसी मामले में ईडी की जांच टीम ने अब कार्रवाई करते हुए कंपनी के निदेशकों और मोहिंदर के कुल 11 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर करोड़ों की ज्वेलरी और नकदी बरामद की।
शारदा ग्रुप ने रक्षापुरम में खरीदा था 91 करोड़ का प्लॉट
मेरठ। शारदा ग्रुप शहर में ग्रुप हाउसिंग की तैयारी में था। ग्रुप से ही जुड़ी शकुंतलम हैबिटेट्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) की ई-नीलामी में बोली लगाकर रक्षापुरम में 91 करोड़ रुपये में एक प्लाॅट खरीदा गया था। बेस प्राइस 16921 रुपये प्रति वर्ग मीटर रखी गई थी, जो 29258 रुपये तक जा पहुंची थी। कंपनी के डायरेक्टर जितेंद्र कुमार गुप्ता और पल्लवी गुप्ता ही दर्शाए गए हैं। यहां कंपनी ग्रुप हाउसिंग बनाने वाली थी। बहरहाल, ग्रुप पर ईडी की छापेमारी के बाद बृहस्पतिवार को मेडा में भी मामला चर्चा में रहा।