मोहाली। कोरोना के बाद अब जिला स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू से निपटने की तैयारियां भी युद्ध स्तर पर शुरू कर दी हैं। डेंगू संदिग्ध एक महिला की निजी अस्पताल में मौत के तुरंत बाद मंगलवार को जिला सिविल अस्पताल के जनरल वार्ड में छह बेड का डेंगू वार्ड बना दिया गया। सभी बेड पर मच्छरदानी लगाई गई है ताकि मरीज तक मच्छर न पहुंच सके। हालांकि अभी तक एक भी मरीज अस्पताल में भर्ती नहीं है।
मंगलवार को जिले में 18 डेंगू संक्रमित सामने आए। 141 लोगों के सैंपल लिए गए थे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोशिश की जा रही है कि डेंगू की रिपोर्ट आने में देरी न लगे। जितनी जल्दी मरीज का पता लगेगा, उतनी जल्दी ही इलाज शुरू हो जाएगा। निजी अस्पतालों को भी हिदायत दी गई है कि वे भी अपना रिकॉर्ड स्वास्थ्य विभाग से तुरंत साझा करे। अगर कोई मरीज गंभीर है तो उसके बारे में पहल के आधार पर बताए। डीसी अमित तलवार ने जिले के सारे अधिकारियों को साफ कहा है कि इलाके में फॉगिंग से लेकर अन्य इंतजाम पूरे किए जाएं। सुबह-शाम लोग पूरी तरह शरीर को ढकने वाले कपड़े ही पहने। अगर किसी को लगता है कि वह डेंगू संक्रमित हो सकता है तो पहल के आधार पर सरकारी अस्पताल में जाकर टेस्ट करवाए। डेंगू का इलाज सरकारी अस्पतालों में फ्री होता है।
145 घरों में मिला लारवा
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने मंगलवार को 3182 घरों में सर्वे किया। इनमें से 145 घरों से लारवा मिला। अब तक पूरे जिले में 274094 घरों में सर्वे किया जा चुका है। इनमें से कुल 8903 घरों से लारवा मिला है। फिलहाल सिविल अस्पताल में डेंगू का कोई गंभीर मरीज भर्ती नहीं है। हालांकि डेंगू के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए निगम की तरफ से पूरे इलाके में जागरूकता बोर्ड लगाए जा रहे हैं।
डेंगू के लक्षण
डेंगू की शुरुआत तेज बुखार, सिर दर्द, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में तेज दर्द, थकान, मितली, उल्टी, त्वचा पर लाल चकत्ते और भूख न लगने जैसे लक्षणों से होती है। कई दिनों के बाद आमतौर पर 3 से 7 दिनों के बाद मरीज में गंभीर डेंगू के लक्षण आ सकते हैं।