खरड़। नगर काउंसिल के पूर्व उपाध्यक्ष जय भगवान सिंगला ने कहा कि खरड़ शहर जो पुराना क्षेत्र है, उसका अब बड़े स्तर पर विस्तार हो रहा है। उस क्षेत्र के रिहायशी मकानों और व्यापारिक इमारतों को सेक्टरों में बांट कर मकानों और व्यापारिक इमारतों पर पक्के तौर पर नंबर लगाने चाहिए। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हर पांच वर्ष बाद जब शहर की वार्डबंदी होती है, तो नए वार्डों के अनुसार रिहायशी मकानों को नंबर अलाट किए जाते हैं। प्रापर्टी मालिकों के पहचान पत्र, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट सहित अन्य दस्तावेज पुराने नंबर से चलते हैं। जब निवासी अपने कामकाज और पासपोर्ट सहित अन्य दस्तावेज तैयार करवाने जाते हैं तो उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है और कार्यालयों के कई कई चक्कर काटने पड़ते हैं। फिर भी उनके काम अधर में लटक जाते हैं। उन्होंने मांग की है कि पुराने खरड़ शहर में बड़े स्तर पर जो कालोनियां बस चुकी हैं, उन्हें सेक्टर के अनुसार बांट कर पक्के नंबर लगाएं ताकि लोग अपने दस्तावेजों पर वही नंबर लिखवा सकें।