जीरकपुर। सब तहसील में पिछले दो दिन से डीड राइटर और वकील मांगों को लेकर हड़ताल पर चल रहे हैं। लेकिन सब तहसील जीरकपुर में वीरवार को 36 रजिस्ट्रियां की गई हैं। सरकारी स्टॉफ का कहना है कि हमारे यहां कोई हड़ताल नहीं है और सबका काम हो रहा है। उन्होंने किसी भी व्यक्ति को रजिस्ट्री करवाने से मना नहीं किया है। तहसील दफ्तर में मौजूद नायब तहसीलदार रमनदीप सिंह ने बताया कि उनकी और स्टॉफ की कोई हड़ताल नहीं है।
उन्होंने बताया कि बाकी लोग किसलिए हड़ताल पर हैं वह कुछ नहीं कह सकते। सब तहसील जीरकपुर के दफ्तर के बाहर तहसील स्टॉफ ने एक रेट लिस्ट लगाई है कि वसीका, जिस में प्रॉपर्टी की कीमत या असल लेन देन की कीमत दर्ज हो उसके 500 रुपये मुख्तियारनामा (इकरारनामा, वसीयत, गोदनामे के वसीके, वसीके में शोध) के 200 रुपये, कोई भी वसीका जिसमें प्रॉपर्टी लेनदेन न हो के 100 रुपयेए तबादले के 50 रुपये, इनके अलावा किसी भी तरह के वसीके के लिए 25 रुपये फीस है। लेकिन यहां डीड राइटर, नक्शा नवीस व वकीलों द्वारा रजिस्ट्रियां लिखने और ड्राफ्ट करने के 3-4 हजार रुपये वसूले जाते हैं। रजिस्ट्री व सब तहसील के कामों की ज्यादा से ज्यादा फीस 500 है लेकिन लोगों ने हजारों रुपये वसूले जाते हैं और लोगों को लूटा जा रहा है। जिसके चलते सब तहसील द्वारा यह रेट लिस्ट लगाई गई है ताकि लोगों की लूट ना हो। वहीं दूसरी तरफ डीड राइटर व वकीलों द्वारा भी एक नोट तहसील चस्पा किया गया है, जिस में लिखा है के यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रजिस्ट्री करवाने की रिश्वत मांगता है तो नीचे दिए नंबरों पर संपर्क करें। यहां यह बताना अनिवार्य है कि डीड राइटरों और तहसील दफ्तर की लड़ाई में आम जनता नुकसान हो रहा है। जिस तरफ प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। वीरवार को कई लोग परेशान घूमते नजर आए।