जीरकपुर। नगर परिषद के हाउस की पहली बैठक सोमवार को प्रधान उदयवीर सिंह ढिल्लों की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें शहर के अंदर अधिकारियों की लापरवाही से लंबे समय से रुके विकास कार्यों को लेकर खूब हंगामा हुआ और इसके जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग जोरशोर से उठाई गई। वहीं, बैठक के दौरान सभी पार्षदों की सहमति के बाद जीरकपुर के लिए कजौली वाटर वर्क्स के प्रस्ताव को हाउस ने मंजूरी प्रदान कर दी और अब शहर में नहरी पानी की कार्यप्रणाली को लेकर कार्रवाई शुरू की जाएगी। इस बैठक में ईओ संदीप तिवारी, एमई मुकेश राय, एसडीओ दमन दविंदर सिंह, जेई राजीव शर्मा, पवनदीप सिंह के अलावा अकाउंट्स शाखा के अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रधान उदयवीर ढिल्लों की अध्यक्षता में नगर परिषद के हाउस की बैठक करीब तीन बजे कांफ्रेंस हाल में आयोजित की गई। इसमें कांग्रेस पार्टी के 23 और शिअद के आठ पार्षद उपस्थित हुए और बैठक के दौरान कांग्रेसियों को छोड़कर शिअद के सभी पार्षदों ने अधिकारियों से जमकर सवाल किए और विकास कार्यों में लापरवाही को लेकर खरी खोटी सुनाई। दूसरी ओर, अधिकारियों का बचाव प्रधान उदयवीर ढिल्लों ने किया और भविष्य में ऐसी गलतियां न दोहराने का भरोसा दिलाया।
इस बैठक में कजौली वॉटर वर्क्स के प्रस्ताव को पटल पर प्रधान उदयवीर ढिल्लों ने पेश किया, जिसको लेकर शिअद के वार्ड-20 से पार्षद तेजिंदर सिंह तेजी सिद्धू सवाल खड़े किए। वहीं, पार्षद तेजिंदर सिद्धू ने कहा कि उक्त प्रस्ताव हमारे शासनकाल के दौरान 2019 में पारित किया जा चुका है और जानबूझकर कांग्रेस सरकार ने कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाने दी। जिसके जवाब में प्रधान उदयवीर ढिल्लों ने स्पष्ट किया जून 2019 में पारित प्रस्ताव को उनकी कांग्रेस सरकार ने मंजूरी दे दी थी, लेकिन एस्टिमेट की कार्रवाई को आगे बढ़ाने की तरफ ध्यान नहीं दिया और प्रस्ताव का समय सीमा एक वर्ष थी, जो जून 2020 में खत्म हो गई। वहीं, मार्च 2020 के अंदर हाउस की समयसीमा खत्म होने से पहले एक बार दोबारा कजौली वाटर वर्क्स को लेकर प्रस्ताव पारित करके जरूर सरकार के पास भेजा गया, लेकिन उसकी समय सीमा कोविड काल के चलते खत्म हो गई। दरअसल शिअद पार्षदों ने केवल शहरवासियों को कजौली वॉटर वर्क्स के नाम पर मूर्ख ही बनाया गया। जबकि विकास कार्यों की तरफ ध्यान कोई नहीं दिया गया। वहीं, सवालों के जवाबों के बाद एकाएक शहर की अंदरूनी गलियों के सीवरेज की सफाई को लेकर नई मशीन खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
शिअद के सवालों का कांग्रेसी पार्षद नहीं दे सके जवाब :
हाउस की पहली बैठक में खास बात यह रही कि भले ही बैठक में शिअद के आठ पार्षद मौजूद रहे, लेकिन आठों पार्षदों ने सवालों की झड़ी लगा दी। सभी पार्षद अपने साथ अपने कार्यकाल के दौरान पारित किए गए प्रस्तावों की कॉपियां लेकर बैठक में शामिल हुए और काम पूरे न होने पर अधिकारियों से एकाएक सवाल किए। दूसरी ओर, कांग्रेसी पार्षदों के पुरुष पार्षदों को छोड़कर महिला पार्षद चुप ही बैठीं नजर आईं। बस वार्ड-7 से पार्षद शिवानी गोयल ने जरूर शिअद पार्षदों के सवालों का जवाब दिया जिसके बाद प्रधान उदयवीर ढिल्लों ने हस्तक्षेप करते हुए अपनी पार्टी के पार्षदों का बचाव किया और मामले में बनती कार्रवाई के भरोसा दिलाया।
पार्षदों का एसडीओ ने मुस्कराकर दिया जवाब :
वहीं, बैठक के दौरान सबसे ज्यादा सवाल अगर किसी अधिकारी से पूछे गए तो वो थे एसडीओ दमन दविंदर सिंह, जिनके ऊपर नगर परिषद के सबसे बड़े विभाग इंजीनियरिंग ब्रान्च का कार्यभार है। पार्षदों द्वारा लगातार पूछे जाने वाले सवालों का मुस्कराकर जवाब देते रहे। जबकि कुछ सवालों के जवाब में संबंधित जेई को कार्रवाई के आदेश भी पारित करते रहे।