मोहाली। सरकारी अस्पताल में बुधवार को नवजन्मी बेटियों की पहली लोहड़ी मनाई गई। इस अवसर पर उनकी माताओं और नवजन्मी बेटियों को सम्मानित करने के लिए पंजाब के सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्घू पहुंचे। इन सभी बेटियों का पहला टीकाकरण भी इसी दौरान किया गया। इन बच्चियों को नए कपड़े, गर्म कंबल और लोहड़ी का सामान भी बांटा गया। ऐसी कुछ माताओं ने अमर उजाला से अपने अनुभव साझा किए। इनमें से कुछ महिलाओं ने बताया कि बेटी के आने बाद वर्षों पुराने नियम आज बदलेंगे, तो कुछ ने बताया कि इस दिन के लिए वर्षों इंतजार किया है।
सात साल किया इस दिन का इंतजार
सुखविंदर कौर ने बताया कि वे फेज-1 में रहती हैं। उनकी शादी को सात साल हो गए थे और अब जाकर मेरी जिंदगी में मेरी बेटी जोबनमीत कौर आई है। उन्होंने बताया कि मुझे इस दिन का बहुत बेसब्री से इंतजार था। हम लोगों ने लोहड़ी की तैयारी कर रखी है और आज मेरी बेटी को हमारे रिश्तेदारों की ओर से नए-नए तोहफे दिए जाएंगे और घर में पार्टी भी रखी है।
घर में बेटी आते ही बदले वर्षों पुराने नियम
साधना ने बताया कि उनके घर में पहली बेटी ने जन्म लिया है। उसका नाम रिया रखा है जो अभी तीन महीनें की है। आज लोहड़ी पर हमें अस्पताल में बुलाया गया था और लोहड़ी के अवसर पर बेटी को तोहफे दिए गए हैं। साधना ने बताया कि हमारे गांव में लड़कियों के लिए कोई त्योहार नहीं मनाया जाता, लेकिन आज फेज-1 में हम लोगों ने लोहड़ी का कार्यक्रम रखा है। पंजाब में ही हमने देखा की लड़कियों की लोहड़ी धूमधाम से मनाई जाती है। आज हमें बहुत खुशी है कि रिया को अस्पताल के स्टाफ की ओर से इतना प्यार दिया गया है।
परिवार में बेटी आने के बाद बदल गई जिंदगी
परीनीति पांच महीने की है। उसकी मां सरिता ने बताया कि बुधवार को वे अस्पताल में बेटी परीनीति को इंजेक्शन लगवाने आई थीं। यहां पहुंच कर देखा कि यहां लोहड़ी मनाई जा रही है। परिवार में बेटी आने से हमारा पूरा परिवार बहुत खुश है। क्योंकि हमारे घर में लक्ष्मी आई है। आज यहां पहुंचने पर पता चला कि अस्पताल में लोहड़ी मनाई जा रही है और परीनीति को नए तोहफे दिए गए हैं। बेटी के परिवार में आने से हमारी जिंदगी ही बदल गई।