मोहाली। ऑनलाइन स्ट्रीमिंग के जरिए खरड़ के गांव में मैच कराकर उसे श्रीलंका में चल रही लीग बताने वाले रविंदर डंडीवाल का नेटवर्क श्रीलंका से ऑस्ट्रेलिया तक फैला था। उसने वहां भी फर्जी टूर्नामेंट कराकर सट्टे में करोड़ों के वारे न्यारे किए। पुलिस की पूछताछ में उसने इसका खुलासा किया है।
पुलिस के मुताबिक, पिछले सप्ताह ऑस्ट्रेलिया की विक्टोरिया पुलिस की गिरफ्त में आए उसके भतीजे वहां कुक का काम करते हुए मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी में सक्रिय थे। इतना ही नहीं ब्राजील और इजिप्ट में हुई टेबल टेनिस सीरीज में भी उन्होंने कई मैच फिक्स कराए थे। पुलिस ने रविंदर डंडीवाल का पासपोर्ट जब्त कर लिया है। इससे साफ हुआ कि वह पहले जीरकपुर रहता था, फिर मोहाली आया। ज्यादातर समय विदेशों में बिताता था।
पहली बार टीम लेकर गया था श्रीलंका
आरोपी ने बताया कि साल 2016 के अगस्त-सितंबर महीने में वह पहली बार 18 सदस्यीय टीम लेकर श्रीलंका गया था। इसमें खिलाड़ी, फिजियो कोच, मैनेजर व खुद शामिल था। साल 2016 के दिसंबर में अपने क्लब की टीम को लेकर ऑस्ट्रेलिया भी गया था। जहां पर बिलो फेस्ट नाम पर हर साल होने वाले क्रिकेट टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था। इस टूर्नामेंट में मैच फिक्सिंग को लेकर बड़े स्तर पर स्कैंडल होने पर उसका नाम जुड़ा था। इसकी जानकारी गूगल पर उपलब्ध है। मार्च 2017 में आरोपी अपने क्लब सीसीआई के अधीन टीम लेकर क्रिकेट टूर्नामेंट में हिस्सा लेने दुबई गया था। वहां पर क्रिकेट में दिलचस्पी रखने वाले स्पॉन्सर व बुकी से उसका संपर्क हुआ था।
नेपाल में करवाए मैचों में खूब पैसा कमाया
रविंदर ने पुलिस को बताया कि उसने एशियन क्लब प्रीमियर लीग (एपीएल) टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट अपनी अल्टीमेट स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनी के अधीन काठमांडू कराया था। इस टूर्नामेंट को रविंदर ने स्पांसर किया था। इसमें बड़े स्तर के बुकी शामिल हुए थे। इस टूर्नामेंट में बड़े स्तर पर सट्टेबाजी होने की एक वजह यह भी थी कि इस टूर्नामेंट का लाइव प्रसारण एक नामी चैनल पर किया गया था।
थाईलैंड में टेनिस टूर्नामेंट कराया
आरोपी ने अप्रैल 2018 में अपने एक जानकार के साथ मिलकर थाईलैंड ओपन के नाम से लॉन टेनिस एसोसिएशन ऑफ थाईलैंड के अधीन भी टूर्नामेंट कराया था।
अफगानिस्तान प्रीमियम लीग में हुआ था शामिल
आरोपी ने पुलिस को बताया कि अक्तूबर 2018 में वह अफगानिस्तान प्रीमियर लीग में केबल जबनान नाम की टीम के सीईओ (चीफ ऑपरेटिंग अफसर) के रूप में दुबई जा चुका है। लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने किसी कारण के चलते उसे टीम से हटा दिया था। रविंदर के मुताबिक इस टूर्नामेंट को शारजाह यूएआई के असीम सेठी नाम के व्यक्ति ने आर्गेनाइज किया था। उसकी कंपनी का अफगानिस्तान बोर्ड से टाईअप था। इसमें कंपनी का हिस्सा 49 फीसदी व बोर्ड का 51 फीसदी रहा है।