नयागांव। न्यू चंडीगढ़ मुल्लांपुर थाना अंतर्गत गांव बांसेपुर स्थित एक्सिस बैंक की शाखा से करोड़ों रुपये के गबन का मामला सामने आने पर बुधवार को हंगामा मच गया। घबराए हुए खाताधारक बैंक पहुंचे और अपने-अपने खातों की जांच शुरू कर दी। कई ग्राहकों के खाते से लाखों रुपये गायब मिले।
ग्राहकों का आरोप है कि बैंक मैनेजर ने ही उनके रुपये निकाले हैं। गुस्साए ग्राहकों में बैंक मैनेजर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का गुस्सा देख कर्मचारी बैंक छोड़कर भाग निकले। बाद में ग्राहक शिकायत लेकर न्यू चंडीगढ़ मुल्लांपुर थाने पहुंचे। देर रात एक्सिस बैंक के कार्यवाहक शाखा प्रमुख विकास सूद ने पुलिस को अपने मैनेजर गौरव शर्मा निवासी बीपीओ भोआ तहसील पठानकोट के खिलाफ शिकायत दी।
इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 381,409 व 20बी के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। मौके पर मौजूद ग्राहकों ने बताया कि उन्होंने अपनी जमा पूंजी बैंक में रखी थी। किसी ने फिक्सड डिपॉजिट किया था तो किसी के खाते में पैसे इकट्ठा थे। ग्राहकों ने आरोप लगाया कि बैंक मैनेजर ने उनके खाते में लिंक मोबाइल नंबर ही बदल दिए। इस कारण उनके पास खाते से पैसे निकलने के संदेश नहीं आ रहे थे। इतना ही नहीं, बीते कई महीनों से ग्राहकों के पासबुक पर बैंककर्मी एंट्री नहीं कर रहे थे। पूछने पर यही बताया जाता था कि मशीन खराब है।
बताया जा रहा है कि किसी ग्राहक ने कहीं और से जब अपनी स्टेटमेंट निकलवाई तो पैसे गायब मिले। यह मामला बैंक मैनेजर तक पहुंचा तो वह गायब हो गया। मैनेजर के कुछ दिनों से बैंक नहीं आने पर लोगों को शक हुआ। बैंक मैनेजर अंबिका फ्लोरेंस पार्क स्थित हाउस नंबर 302 में थर्ड फ्लोर पर रहता है। उसकी उम्र करीब 32 साल है और उसकी शादी नहीं हुई है। ऐसे में वह फ्लैट में अकेला ही रहता था। वारदात के बाद उसके फ्लैट पर ताला लगा हुआ है और फोन भी बंद है।
बैंक के ग्राहक गुरदीप सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि उनके परिवार को पुडा की ओर से जमीन अधिग्रहण का मुआवजा मिला था। उन्होंने गांव के ही एक्सिस बैंक के बचत खाते में पैसे जमा करवाए थे। बुधवार दोपहर जब वह बैंक में पैसे निकलवाने गए तो उनके खाते में पैसे ही नहीं थे। इसके बाद उन्होंने बैंक मैनेजेर को फोन किया और सूचना दी। मैनेजर ने उन्हें बैंक आने को कहा। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया। गुरदीप ने बताया कि मैनेजर ने उनके अकाउंट के साथ अपना मोबाइल नंबर अटैच कर रखा था। इसी कारण उन्हें ट्रांजेक्शन का पता नहीं चला।
गुरदीप की तरह अन्य ग्राहकों ने भी जब खाते की जांच की तो उनके पैरों के नीचे से जमीन सरक गई। किसी के खाते से 15 लाख तो किसी के से 70 लाख तक रुपये गायब मिले। आरोप है कि शातिर मैनेजर ग्राहकों के खातों से पैसे अलग-अलग नामों से पैसे ट्रांसफर करता था।
ज्यादातर पैसे अपने माता-पिता के खाते में ट्रांसफर करवाए हैं। आरोप के मुताबिक, मैनेजर ने 17 नवंबर 2023 को सुरिंदर कौर के खाते से 50 लाख रुपये, हरदीप सिंह के खाते से 20 और 22 नवंबर 2023 को 15 लाख और 5 लाख पिता अजय कुमार के खाते में ट्रांसफर करवाए थे। ऐसे ही गुरदीप के खाते से 15 लाख रुपये अपनी मां स्वराज पॉल के खाते में ट्रांसफर किए थे। इनके भी खातों से पैसे निकले हैं, उन सभी खाताधारकों के बैंक खाते के साथ मैनेजर ने अपना मोबाइल नंबर जोड़ रखा था। पीड़ित ग्राहक देर रात तक न्यू चंडीगढ़ मुल्लांपुर थाने में मौजूद थे।