फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घग्गर नदी में आए बेहिसाब पानी से लोग सहमें , नीचे वाले स्थानों पर डुबियां फसला। देर शाम पानी घटने से प्रशासन और लोगों ने की र

विज्ञापन
नयागांव के भगिंडी गांव का हाल। गांव में पानी खेतों में पानी सड़कों पर पानी - फोटो : MOHALI
विज्ञापन
बनूड़ /लांडरां। खतरे के निशान से ऊपर चल रहे घग्गर नदी के पानी का बहाव रविवार देर शाम तक कंट्रोल में आ गया है। वहीं इससे पहले छोड़े पानी के कारण साथ लगती निचले खेतों में पानी भरने से फसल डूब चुकी है। अब गांवों को पानी से कोई खतरा नहीं है फिर भी प्रशासन ने पूरी चौकसी बनाई हुई है। दो दिनों से रुक-रुक कर पड़ रही बारिश के कारण घग्गर नदी का बहाव 11 बजे तक सात फीट नापा गया था जो धीरे-धीरे कम होकर रविवार शाम तक पांच फीट पर आ गया था। इस कारण प्रशासन और लोगों ने राहत महसूस की।
विज्ञापन

घग्गर नदी के साथ स्थित गांव रामपुर, कनौड़, कराला, राजोमाजरा, कराली, हुबड़ा, हंसाला, मनौली सूरत, छड़बड़, बुढणपुर, झंज्जों, बासमा आदि को कोई नुकसान नहीं हुआ है परंतु उक्त गांवों की घग्गर के साथ लगती निचले स्थानों वाली जमीनों में पानी भर गया है। इसके साथ धान, मक्की, गोभी, हरा चारा आदि को नुकसान होने की आशंका है।
घग्गर नदी के पुल पर तैनात ड्रेन विभाग के गेज रीडर जगदीश कुमार ने बताया कि आज सुबह 5 बजे पानी का बहाव पांच फीट था। दोपहर 12 बजे बहाव खतरे के निचले निशान से ऊपर जाकर सात फीट तक पहुंचने से पानी का बहाव 22 हजार क्यूसिक नापा गया जो शाम 4 बजे कम होकर 9600 क्यूसिक रह गया।
विज्ञापन

किसान चतन सिंह, रण सिंह, जोगिंदर सिंह, अजैब सिंह राजोमाजरा, सरपंच नैब सिंह मनौली, जसपाल सिंह मठियाड़ा, राजिंदर सिंह आदि किसानों ने बताया कि अभी तक पड़ी बारिश धान की फसल लिए वरदान बताया जा रहा थी पर मिर्च, मक्की, भिंडी आदि सब्जियों की फसल के लिए बड़ा नुकसान होने की आशंका है। दूसरी तरफ लोगों ने गर्मी से राहत महसूस करते हुए शक जताया कि अगर बारिश न रुकी तो नुकसान ज्यादा हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें