मोहाली। अदालत में फर्जी कागजात लगाकर अपराधी नाबालिग जमानत लेकर फरार हो गया। इस मामले में अदालत के निर्देश पर सोहाना थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। इस मामले का खुलासा उस समय हुआ जब अदालत ने जमानतदार को समन भेजा और वह अदालत में पेश हो गया। उसने अदालत को बताया कि उसने कभी किसी की जमानत दी ही नहीं है। उसे भी इसका पता तब चला जब उसे अदालत ने समन भेजा। अदालत ने तुरंत सोहाना थाना पुलिस के एसएचओ को आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए कहा। इस पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 419, 465, 467, 468, 471, 120बी के तहत केस दर्ज किया है।
दरअसल, मोहाली अदालत में एक नाबालिग के खिलाफ केस विचाराधीन है, जिसे अदालत ने जमानत दी हुई है। पेशी पर न आने के चलते अदालत ने नाबालिग युवक के गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए और जमानतदार को कोर्ट में पेश होने के लिए समन जारी किए। अदालत में वीरवार को जमानतदार गुरमुख सिंह पेश हुआ और उसने अदालत को बताया कि उसने कभी किसी की जमानत दी ही नहीं। उसने अदालत को बताया कि उसकी संपत्ति के दस्तावेज यानी फर्द जमाबंदी किसी व्यक्ति द्वारा जाली बनाई गई है और नाबालिग की जमानत के रूप में प्रस्तुत की गई है। यह तथ्य उनके संज्ञान में तब आया जब उन्हें इस मामले में इस अदालत का समन मिला। उसने अनुरोध किया कि यह अदालत उक्त व्यक्ति के खिलाफ उचित कार्रवाई करें और उसे जमानतदार के रूप में रिहा किया जाए। इस आवेदन पर गुरमुख सिंह ने अपनी पहचान के लिए अपनी तस्वीर और अपने आधार कार्ड की कॉपी अदालत को दी। यह सुनकर अदालत ने तुरंत रीडर की रिपोर्ट मंगवाई, जिसमें दर्ज रिकार्ड के अनुसार नाबालिग की जमानत गुरमुख सिंह पुत्र फूमन सिंह निवासी गांव दाऊं तहसील और जिला मोहाली ने दी थी। जब असल गुरमुख सिंह का आधार कार्ड चेक किया तो वह जमानतदार के आधार कार्ड से मेल नहीं खाता था। गुरमुख सिंह की तस्वीर भी जमानत बांड के साथ मेल नहीं खाती थी। रीडर की रिपोर्ट से यह स्पष्ट है कि किसी व्यक्ति ने गुरमुख सिंह के रूप में अपना नाम दर्ज करवाया था।
अदालत ने इस पर संभावना जताई कि जमानत बांड में पेश होने वाला गवाह नंबरदार बलबीर सिंह भी जालसाज है। सभी तथ्यों से यह स्पष्ट है कि असली गुरमुख सिंह कभी भी नाबालिग की ओर से जमानतदार के रूप में खड़ा नहीं हुआ। अदालत ने नाबालिग के जमानतदार के रूप में गुरमुख सिंह को फिलहाल आरोपमुक्त कर दिया है। गुरमुख सिंह को यह निर्देश भी हुए हैं कि वह निर्देश मिलने पर अदालत में पेश होने के लिए उपलब्ध रहेगा। अदालत ने मूल बांड जो जालसाज प्रतीत होते हैं, जालसाज की जमाबंदी और फोटोग्राफ, आधार कार्ड की जाली प्रति और इस बोर्ड के समक्ष जमानतदार गुरमुख सिंह द्वारा छेड़छाड़ किए गए अन्य दस्तावेजों को एफआईआर दर्ज करने के लिए सोहाना थाने के एसएचओ को निर्देश दिए थे। अदालत ने कहा कि जाली जमानत बांड पर गवाह नंबरदार बलबीर सिंह के पिछले जीवन की भी जांच की जाए और पता लगाया जाए कि वह भी धोखेबाज था या नहीं।