पुलिस के मुताबिक गुरप्रीत मोतिया सिटी जीरकपुर में रहता था। उसके पास यूके की नागरिकता है। उसके पास से दो पासपोर्ट मिले हैं। एक यूके का है, जबकि दूसरा किसी अन्य देश का है। पुलिस अब उनसे इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों के नाम उगलवाने में लगी है।
कई बार, होटल और क्लब में जाती थी शराब
आरोपी जो शराब तैयार करते थे, उसे कई नामी होटलों और क्लबों में बेचते थे। हालांकि पुलिस फिलहाल खुलासा नहीं कर रही है। अगर उनके नामों का खुलासा हुआ तो जांच प्रभावित हो सकती है।
घर में होती थी पैकिंग, आसानी से कार में लेकर जाते थे
यह पहला ऐसा गिरोह पकड़ा गया है, जो रिहायशी इलाके में इस तरह के काम को अंजाम दे रहा था। किसी को संदेह तक नहीं हुआ। एक साल से इलाके में गिरोह सक्रिय था। हालांकि बीच में अपने ठिकाने बदलते रहते थे। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी को इस तरह की सूचना मिलती है तो इस बारे में तुरंत पुलिस को सूचित किया जाए। आबकारी विभाग ने जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 9875961126 जारी किया है।
वॉल्वो में दिल्ली से मंगवाते थे सामान
शातिर आरोपी सामान लाने ले जाने के लिए वॉल्वो बस का इस्तेमाल करते थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि जीरकपुर में ऐसा गिरोह सक्रिय है, जो सस्ती शराब को महंगे ब्रांड की बोतलों में भरकर ऊंचे दाम पर बेचता है। मुख्य आरोपी जतिंदर पाल सिंह को शराब भरने के लिए खाली बोतलें, डिब्बे, बायो ब्रांडस के ढक्कनों की एक खेप मिलेगी। दिल्ली से आई वोल्वो बस से आरोपी को दबोचा था। इस दौरान ब्लैक लेबल की 80 बोतलें, ब्लैक लेबल की 55 ढक्कन, रेड लेबल की 10 खाली पेटियां आदि मिली थीं। इनके फ्लैट्स से भी बरामदगी हुई थी। जीरकपुर के कई गोदामों से भी शराब पकड़ी गई थी।