रेप के मामले में जिला अदालत ने तीन लोगों को सबूतों व तथ्य के आधार पर बरी कर दिया है। इस दौरान पीड़ित की ओर से लगाए गए आरोप कोर्ट में साबित नहीं हुए। बरी हुए लोगों में सुरिंदर कुमार, सत्यवती व ललित बक्शी शामिल है। यह फैसला अतिरिक्त जिला सेशन जज तरसेम मंगला की अदालत ने सुनाया है।
जानकारी के मुताबिक इस मामले में थाना सोहाना में 2014 में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। पीड़िता के पिता व दो अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। पीड़िता ने बताया था कि उसके माता-पिता का तालाक हो गया था। वह मां के साथ यमुनानगर में रहती थी।
जब वह 8वीं में पढ़ाई कर रही थी। यह बात करीब सात पहले की थी। इस दौरान अज्ञात लोग आए और उसको अगवा कर ले गए। इसके बाद वह अपने पिता के साथ मोहाली में रहने लगी। जब उसके दादा की मृत्यु हो गई तो उसके पिता ने शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने लगा। पिता ने चेतावनी दी कि अगर उसने ऐसा नहीं किया तो वह उसकी हत्या कर देगा।
वही, 12 और 13 जून, 2014 को उसके पिता ने उसके साथ दुराचार किया। 14 जून को वह पिता का घर छोड़कर अपनी मां के पास यमुनानगर चली गई। 23 जून को उसका पिता वहां पहुंचा और उसे मुंह बंद रखने की चेतावनी दी। इसके बाद पुलिस ने रेप व विभिन्न धाराओं के तहत सुरिंदर कुमार, सत्यवती और ललिता बक्शी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। साथ ही सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
कहां कमजोर पड़ गया केस
उक्त केस में कई ऐसे तथ्य थे, जहां पीड़िता व पुलिस की कहानी कमजोर पड़ गई। लड़की ने 14 जून, 2014 को मां के पास पहुंच गई थी। इसके बाद उसने आपबीती मां को नहीं बताई। वहीं, 24 जून को उसका पिता जब उनके घर गया तो वह धमकी देकर चला गया। 24 जून को जो यमुनानगर थाने में डीडीआर दर्ज करवाई गई थी।
उसमें उसने रेप का जिक्र नहीं किया था। आखिर उसने अपना मुंह बंद क्यों रखा। वहीं, पीड़िता ने रेप की बात 12 और 13 जून, 2014 की बताई थी। जबकि 11 सितंबर 2014, को जब पीड़िता का मेडिकल करवाया गया था तो स्पर्म मिला था। जबकि ऐसा संभव नहीं है। यह दो से पांच दिन में खत्म हो जाता है। जबकि उसके इंटरनल पार्ट में किसी प्रकार की चोट का निशान नहीं था।
डीएनए रिपोर्ट भी नेगेटिव आई थी। इसके अलावा पीड़िता ने रेप के 59 दिन बाद ही शिकायत दर्ज क्यों करवाई। दूसरी तरफ पीड़िता के घर से गायब होने के बाद उसके पिता ने सोहाना थाने में मीसिंग की शिकायत दी थी। वहीं, इसके बाद पुलिस ने बताया कि घर से गायब होने के बाद भी वह अपने मित्र करनबीर सिंह के संपर्क में थी। जब उसने अपने 164 के बयान दर्ज करवाए थे तो उसने कहा था कि उसके दोस्त के खिलाफ गलत केस दर्ज करवाया गया है। उसके दोस्त ने उसके साथ गलत नहीं किया है।