चंडीगढ़ में चरणप्रीत नागर उर्फ चीनी हत्याकांड के आरोपी पीयूष पहलवान को पंजाब में चार लोगों को निशाना बनाना था। इनमें गैंगस्टर लक्की पटियाल के विरोधी गुट के सदस्य और एक कारोबारी शामिल था।
चंडीगढ़ के चर्चित चरणप्रीत नागर उर्फ चीनी हत्याकांड में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
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पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि मुख्य आरोपी राजन उर्फ पीयूष पहलवान (फिरोजपुर) को पंजाब में चार लोगों की हत्या की सुपारी दी गई थी। वारदात को अंजाम देने के बाद उसे वापस मलेशिया लौटना था।
जांच में खुलासा हुआ है कि जिन चार लोगों को निशाना बनाना था, उनमें गैंगस्टर लक्की पटियाल के विरोधी गुट के सदस्य और एक कारोबारी शामिल था। कारोबारी से रंगदारी मांगनी थी और इनकार करने पर उस पर फायरिंग की योजना थी।
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सीसीटीवी से मिला पहला सुराग
एजीटीएफ के एसपी विक्रम बराड़ के मुताबिक, हत्याकांड के बाद मौके से मिले सीसीटीवी फुटेज में एक शूटर के दोनों हाथों पर टैटू और कड़ा दिखाई दिया। इसी आधार पर टीम को शक हुआ कि यह वही शूटर हो सकता है, जिसने 2025 में कोटकपुरा में यादविंदर की हत्या की थी। हालांकि पासपोर्ट रिकॉर्ड के अनुसार पीयुष 2023 से मलेशिया में था, जिससे टीम असमंजस में पड़ गई। बाद में इमिग्रेशन रिकॉर्ड और नेपाल के जरिए वेरिफिकेशन में सामने आया कि वह 1 जनवरी 2026 को नेपाल के रास्ते भारत में दाखिल हुआ था। पहलवान लगातार अपना हुलिया बदल रहा था। नेपाल पहुंचने पर उसके चेहरे पर दाढ़ी थी। चंडीगढ़ में वारदात के दौरान वह क्लीनशेव था और एनकाउंटर के समय उसने मास्क और सिर पर टोपी पहनी हुई थी।
हत्या से तीन दिन पहले पहुंचा चंडीगढ़
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी 15 मार्च को ही चंडीगढ़ पहुंच गया था और वारदात से पहले अपना मोबाइल बंद कर लिया था। वह लगातार ठिकाने और हुलिया बदलता रहा। उसने एक दिन कजहेड़ी के होटल और एक दिन चंडीगढ़ किसी के घर पर गुजारा, जिसकी चंडीगढ़ पुलिस जांच कर रही है।
तकनीकी टीम ने सीसीटीवी फुटेज से शूटर के चेहरे से मास्क हटाकर पहचान की पुष्टि की, जिसके बाद साफ हो गया कि हत्या पीयूष पहलवान ने ही की है। सुबह 9 बजे एजीटीएफ ने ‘साइलेंट ट्रिगर’ नाम से ऑपरेशन चलाया। एसपी विक्रम बराड़ के नेतृत्व में टीम कैथल पहुंची और हरियाणा एसटीएफ के साथ मिलकर घेराबंदी की। इनपुट में दो संदिग्ध घर पाए गए। ऑपरेशन में शामिल 10-10 मुलाजिमों के दो ग्रुप बनाकर दोनों घरों को घेरा गया। आरोपी सुनील की बैठक में मौजूद थे। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने फायरिंग कर दी। गोली कांस्टेबल सुखजिंदर सिंह को लगी, जवाबी कार्रवाई में दोनों को घायल कर गिरफ्तार कर लिया गया।
मोबाइल पर रोड मैप लगाकर हुए फरार
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी वारदात के बाद रोड मैप लगाकर फरार हुए। बाइक प्रीतम शाह चला रहा था। बाइक लक्की पटियाल ने मुहैया करवाई थी और हथियार भी प्रीतम शाह लेकर आया था। पीयूष 2023 से लक्की पटियाल के संपर्क में था और मलेशिया से उसकी गैंग ऑपरेट कर पंजाब में वारदातें करवा था। पातडा में भी उसने मलेशिया से वारदात को अंजाम दिया था।