कर्ज में डूबे वकील ने लूटे थे बैंक से साढ़े सात लाख
पुलिस ने 24 घंटे में ही वारदात का कर दिया खुलासा
32 बोर की पिस्तौल व साढ़े सात लाख आरोपी से रिकवर
आरोपी की झूठी कहानी से ही पुलिस को हाथ लगा था सुराग
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
फेज-सात इंडस्ट्रियल एरिया स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में साढ़े सात लाख रुपये लूटने के आरोप में पुलिस ने एक वकील को गिरफ्तार किया है। आरोपी मनजिंदर सिंह(30) जीरा का रहने वाला है। इन दिनों वह खरड़ के सन्नी एंक्लेव में रह रहा था। पुलिस का कहना है कि कर्जा उतारने के लिए उसने लूट का रास्ता चुना। आरोपी से प्वाइंट 32 बोर की पिस्तौल और साढ़े सात लाख रुपये भी बरामद कर लिए हैं।
सेक्टर-76 स्थित जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एसएसपी कुलदीप सिंह चहल ने बताया कि आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की थी। लेकिन वह अपनी झूठी कहानी में ही फंस गया। जांच में यह बात भी सामने आई कि आरोपी तनाव में चल रहा था और ड्रग्स भी लेता था।
आरोपी ने कार छीनने का फोन कर पुलिस को उलझाया
आरोपी ने अकेले ही लूट की वारदात को अंजाम दिया था। वह ढाई बजे लूट के बाद बैंक से बाहर निकला। भागता हुआ अपनी गाड़ी कार तक पहुंचा। बैंक मुलाजिम भी उसका पीछा कर रहे थे। लेकिन वह उसे रोक नहीं पाए। इसके बाद आरोपी अपनी कार को तेजी से लेकर वहां से भाग निकला। हड़बड़ाहट में उसकी कार एक खंभे से टकरा गई। इस दौरान उसकी कार की नंबर प्लेट व बंपर टूटकर वहीं गिर गया। इसी बीच 2.35 पर आरोपी ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर सूचना दी कि उसकी कार चोरी हो गई है। पुलिस ने वायरलेस पर मैसेज फ्लैश कर जिले को सील कर दिया। पुलिस ने नॉर्थ कंट्री मॉल के पास से आरोपी की कार बरामद कर ली।
अपने ही बिछाए जाल में फंसा आरोपी
पुलिस को घटना स्थल से एक कार की नंबर प्लेट मिली थी। मॉल के पीछे मिली आरोपी की कार की नंबर प्लेट भी टूटी हुई थी। जांच में पुलिस को यकीन हो गया कि लूट में इसी कार का इस्तेमाल किया गया है। पुलिस ने आरोपी को थाने बुलाया और पूछा कार कितने बजे चोरी हुई थी। आरोपी ने बताया कि दो बजे। तो 35 मिनट तक वह क्या कर रहा था, पुलिस के इस सवाल का वह सटीक जवाब नहीं दे पाया। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने लूट का राज खोल दिया। वारदात में प्रयोग जूते, घर से पिस्तौल व पैसे बरामद करा दिए।
मनोवैज्ञानिक तरीके को भी अपनाया
एससएसी ने बताया कि जब कार रिकवर हुई तो मौके पर फारेंसिक व डिटेक्टिव स्टाफ पहुंच गया था। इसके बाद सारी कहानी की कड़ी से कड़ी मिलाई साथ ही आरोपी मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की तो सारी बात सामने आ गई। आरोपी ने कबूला कि लूट के समय कर्मचारियों को डराने के लिए उसने बैंक में दो फायर भी किए थे। वहीं, पुलिस ने मौके पर हुए कारतूस के खोल भी बरामद किए।
कर्ज चुकाने को चुना अपराध का रास्ता
पुलिस मान रही है आरोपी ने आढ़ती से कर्ज लिया था। आरोपी एक व्यक्ति का केस भी लड़ रहा था। उसने एडवांस में मोटी रकम भी ले ली थी। लेकिन वह केस हार गया। पीड़ित परिवार उस पर पैसा लौटाने का दबाव बना रहा था। इससे वह तनाव में रहने लगा। कर्ज से छुटकारा पाने के लिए उसने लूट की राह चुनी।
पीयू से की पढ़ाई, आठ महीने हुई थी शादी
पता चला है कि आरोपी ने सेक्टर-11 चंडीगढ़ स्थित गवर्नमेंट कॉलेज से ग्रेजुएशन की है। इसके बाद 2013 में उसने एलएलबी की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद वकालत शुरू कर दी थी। वहीं, आठ महीने पहले उसकी शादी हुई थी। लेकिन खर्चे बढ़ गए थे। सपने काफी ऊंचे थे। उस हिसाब से आमदनी थी नहीं। ऐसे में यह राह उसको काफी आसान लगी।
ऐसे तैयार किया था डकैती का मास्टर प्लान
इंडस्ट्रियल एरिया की मार्केट में उसका आना जाना लगा रहता था। वहीं, सन्नी एंक्लेव के लिए भी वहां से रास्ता जाता था। ऐसे में उसे पता था कि वहां पुलिस का कोई पहरा नहीं होता है। बैंक पर कोई सिक्योरिटी गार्ड नहीं होता है। भागने के लिए एयरपोर्ट रोड पास से गुजरता है। ऐसे में लूट के बाद आसानी से एयरपोर्ट रोड से होते हुए हाईवे पर पहुंचकर भाग जाएगा। लेकिन वारदात के बाद वह काफी डर गया था। उसे लगा कि वह पकड़ा जाएगा। उसे यह भी संदेह था कि उसका पीछा हो रहा है। ऐसे में वह गाड़ी छोड़कर फरार हो गया।