चोर ले गए तार, बीएसएनएल के 4800 फोन दे गए जवाब
फेज-3बी2 में बूथ मार्केट के पास अंडरग्राउंड तार को बनाया निशाना
एक हजार मीटर तार चोरी, स्थिति बहाल होने में लगा एक हफ्ते का समय
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
शहर में एक बार फिर चोरों ने बीएसएनएल केबल को निशाना बनाया। फेज-3बी2 से लेकर फेज-पांच तक की करीब एक हजार मीटर तार आरोपी ले गए। वहीं, तार चोरी होने से इलाके के करीब 4800 फोन व इंटरनेट कनेक्शन जवाब दे गए हैं। बीएसएनएल अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को बहाल करने में करीब एक हफ्ते से ज्यादा का समय लग सकता है। वहीं, बीएसएसएल अधिकारियों ने इस मामले में शुक्रवार को एसएसपी से मुलाकात करने की योजना बनाई है। ताकि तार चोरी पर नकेल कसी जा सके।
जानकारी के मुुताबिक, यह मामला मंगलवार रात का है। क्योंकि दो दिन बीएसएनएल मुलाजिम हड़ताल पर थे। बुधवार दोपहर फेज-3बी1 और 3बी2 में इंटरनेट बंद गया था। लेकिन एक साथ फोन बंद होने के बाद लोग यही समझ रहे थे कि लाइन में कोई फाल्ट आया है। लेकिन वीरवार को एक्सचेंज खुलने पर लगातार फोन बंद होने की शिकायतें आने लगी। इसके बाद बीएसएनएल अधिकारियों में हड़कंप मच गया। तुरंत फिल्ड स्टाफ को मौके पर भेजा गया। इसी बीच ध्यान में आया कि फोन की तार गायब हैं, इस कारण 4800 फोन जवाब दे गए हैं। मुलाजिमों ने तुरंत अधिकारियों को इस बारे में सूचित किया। जिसके बाद रिपेयर की कार्रवाई शुरू की गई।
जिक्रयोग है कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले फेज-तीन पांच की लाइटों पर तार कटने से दो फेजों के करीब छह हजार फोन जवाब दे गए थे। अभी तक विभाग द्वारा उसकी रिपेयर का काम चल रहा है। जबकि इसी बीच यह मामला सामने आ गया है।
आखिर पीसीआर की गश्त कहां गई
बीएसएनएल के तार चोरी होने के बाद एक बार फिर पुलिस की पीसीआर पार्टी पर सवाल उठ रहे हैं। जिन दो जगह से केबल कटी है। वहां से मात्र पचास मीटर की दूरी पर पीसीआर खड़ी रहती है। इतना ही नहीं रात को बाकायदा पीसीआर की चेकिंग तक होती है, लेकिन इसके बाद भी चोरियां हो रही हैं।
कहीं प्राइवेट कंपनी के मुलाजिमों का काम तो नहीं
यह अंदेशा जताया जा रहा है कि कहीं इसके पीछे प्राइवेट टेलीफोन कंपनियों के मुलाजिम तो नहीं हैं। क्योंकि बीएसएनएल की तारों के साथ ही अंडरग्राउंड अन्य टेलीकॉम कंपनियों द्वारा भी इलाके में तार बिछाए जा रहे हैं। तार बिछाने वाले मुलाजिम बाहरी हैं। जो आसानी से वारदात को अंजाम देकर निकल जाते हैं। कोई उन पर शक नहीं करता है। ऐसा एक मामला पहले भी आया था।