मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए कैबिनेट मंत्री को लिखा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
खरड। अनाज मंडी के आढ़ती ने कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशू से मंडी में सरकारी धान की खरीद के लिए जारी कस्टम सीलिंग पालिसी को लागू न करने तथा इसके तहत खरीद एजेंसियों तथा शैलर मालिकों द्वारा मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि यहां पर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इसकी जांच की जाए।
आढ़ती सुनील अग्रवाल कैबिनेट मंत्री के नाम लिखे पत्र में कहा है कि सरकार तथा विभाग की इस पालिसी के तहत धान की खरीद करते समय आढ़तियों के स्टाल खरीद एजेंसियों को अलाट किए जाते हैं, लेकिन स्टाल अलाटमेंट करते समय भी कई आढ़तियों के साथ पक्षपात किया जाता है। इस पालिसी के अनुसार जिस आढ़ती का अपना शैलर भी है, सरकार द्वारा खरीद किया गया धान उसके शैलर में नहीं लगाया जा सकता है, परंतु इस अनाज मंडी में उल्ट हो रहा है। पनसप खरीद एजेंसी द्वारा इसकी उल्लंघना की जाती है और जब वह इसका विरोध करते हैं तो उसका स्टाल अलग अलग एजेंसियों को अलाट कर दिया जाता है। पहले सरकारी खरीद एजेंसी पनग्रेन फिर पंजाब स्टेट वेयर हाउस कार्पोरेशन और बाद में पनसप को स्टाल अलाटमेंट करने के लिये अदला-बदला की गई जबकि खरीद एजेंसियों द्वारा जिन आढ़तियों के शैलर हैं, उनके स्टाल नही बदले गए, जिस कारण खरीद एजेंसियों की मिलीभगत स्पष्ट होती है। खरड़ के आढ़तियों द्वारा डायरंक्टर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को पत्र लिख कर एफसीआई को खरीद करने के लिये अलाटमेंट करवाई थी परंतु एफसीआई को खरीद करने के लिए स्टाल ही अलाट नहीं किए गए। उन्होंने बताया कि धान के इस सीजन में वेयर हाउस, पनग्रेन तथा पनसप खरीद एजेंसियों द्वारा धान की खरीद की गई है, परंतु उन्हें बनती आढ़त, कमीशन तथा लेबर आदि का भुगतान किसी भी खरीद एजेंसी द्वारा नही किया गया है। उन्होंने कैबिनेट मंत्री से खरड़ अनाज मंडी में स्टालों की अलाटमेंट करने तथा पनसप खरीद एजेंसी के खरीद निरीक्षक, पनसप को अलाट शैलरों तथा आढ़त की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए। इस बारे में जब पनसप के जिला मैनेजर नितन चौधरी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें अभी तक शिकायत नहीं मिली है और न ही शिकायतकर्ता ने कुछ बताया है। उनके दफतर में जब भी शिकायत आयेगी तो वह बनती कार्रवाई करेंगे। फिलहाल वह इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं देना चाहते हैं।