- पुलिस की कारगुजारी से गुस्साए लोगों ने नहीं लिखाई रिपोर्ट
- एक सप्ताह के भीतर मंदिर में चोरी की पांचवीं वारदात
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। शहर के मंदिर इन दिनों चोरों के लिए आसान निशाना बने हुए हैं। एक सप्ताह के भीतर यह पांचवीं वारदात है जब चोरों ने मंदिर को निशाना बना कर वारदात को अंजाम दिया है। ताजी घटना फेज-9 के शिव मंदिर की है। इससे पहले फेज-10 व 11 में एक ही रात के दौरान चार मंदिरों को चोरों ने निशाना बनाया था। पुलिस की कारगुजारी से गुस्साए मंदिर मैनेजमेंट ने चोरी की वारदात की सूचना पुलिस को दी ही नहीं। उनका साफ कहना कि जब पुलिस ने करना ही कुछ नहीं तो फिर उन्हें सूचना देने का भी क्या फायदा। फेज-9 के शिव मंदिर को रविवार-सोमवार रात को चोरों ने निशाना बनाया। वारदात का पता सुबह उस समय लगा जब पुजारी ने मंदिर के कपाट खोले। चोर मंदिर में लगी दो दान पेटियों के ताले तोड़ कर नकदी ले उड़े। मंदिर मैनेजमेंट कमेटी की जनरल सचिव रमेश शर्मा ने वारदात के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि कुछ समय पहले ही मंदिर में पुननिर्माण का काम हुआ था, इसलिए अभी मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरे दोबारा नहीं लगाए गए थे। मंदिर में हुई चोरी से इलाके के लोगों में काफी गुस्सा है। फेज-9 के शिव मंदिर के पास ही मार्केट है। इसके बावजूद इलाके में पुलिस की गश्त को लोगों ने नाकाफी बताया। पुलिस को चोरी की वारदात की सूचना न देने के बारे में जब मंदिर कमेटी और स्थानीय लोगों से पूछा गया तो उनका कहना था कि जब पुलिस ने करना ही कुछ नहीं तो फिर सूचना देने का भी क्या फायदा। मंदिर कमेटी के जनरल सचिव रमेश शर्मा का कहना है कि जब भी मंदिर में धार्मिक आयोजन होता है स्थानीय पुलिस को सूचित किया जाता है, लेकिन पुलिस की ओर से श्रद्धालुओं के लिए कोई प्रबंध नहीं किया जाता। पुलिस चार दिन पहले एक ही रात में चार मंदिरों में हुई चोरी का भी अभी तक कोई सुराग नहीं लगा सकी है।