संदिग्ध हालात में मिले शव के मामले में हत्या का केस दर्ज
नामी इमिग्रेशन कंपनी के मालिक समेत चार को नामजद किया गया
तीन को पुलिस ने गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, अदालत ने 29 तक भेजा रिमांड पर
अमर उजाला ब्यूरो
नयागांव।
31 वर्षीय युवक अभिषेक की संदिग्ध हालात में शव मिलने के बाद मंगलवार को पुलिस ने इस मामले में हत्या, सबूत मिटाने समेत कई धाराएं जोड़ी हैं। इस मामले में एक नामी इमिग्रेशन कंपनी के मालिक समेत चार लोगों को नामजद किया है।
मामले के जांच अधिकारी जसबीर ने कहा कि आरोपियों में रिटायर्ड कर्नल बीएस संधू, गुरविंदर सिंह बैंस, बलविंदर सिंह व तरसेम लाल का नाम शामिल है। कर्नल को छोड़कर अन्य सभी लोग गिरफ्तार कर लिए गए हैं। तीन को अदालत ने 29 मार्च तक रिमांड पर भेज दिया है। उन्होंने बताया कि पहले केस में 365 के तहत केस दर्ज किया गया था। वहीं, अब धारा 302, 201 व 120बी लगाई गई है। पता चला है कि पुलिस ने मामले में दो वाहन भी जब्त किए हैं। इनमें महिंद्रा पिकअप वैन व महिंद्रा स्कॉर्पियो शामिल है।
एसएसपी कुलदीप सिंह चहल ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारण का पता चल पाएगा। उन्होंने हत्या की धारा जोड़कर मामले की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि उन्होंने कर्नल बीएस संधू को बयान दर्ज करवाने के लिए बुलाया था, लेकिन वह पुलिस के सामने पेश नहीं हुए। इसके चलते उन्हें केस में नामजद किया गया है।
13 मार्च को हुआ था गायब
पता चला है कि अभिषेक सीटीयू में मेेकेनिक के पद पर था। वह इंडस्ट्रियल एरिया चंडीगढ़ में तैनात था। साथ ही 13 मार्च से गायब था। भाई राहुल ने उसके गायब होने की शिकायत दर्ज करवाई थी। अभिषेक की बॉडी पिंजौर स्थित जंगली एरिया से मिली थी।
दोस्तों से मिलने की बात कहकर निकला था घर से
अभिषेक अपने दो भाईयों राजन और राहुल के साथ बुड़ैल में रहता था। वह हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा से संबंध रखता है। राजन ने बताया कि 13 मार्च को राहुल अपने मित्रों से मिलने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस घर नहीं आया। भाई ने बताया कि उन्होंने उसके दोस्तों को फोन किया था। जिनका जवाब था कि खाना खाने के बाद राहुल अपने घर चला गया था। सोमवार को पिंजौर गांव के लोगों ने कोई डंप की हुई चीज देखी थी। इसके बाद उन्होंने हरियाणा पुलिस व हरियाणा पुलिस ने मोहाली पुलिस को सूचित किया था।
ऐसे मिली थी बॉडी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभिषेक की बॉडी पानी फार्म हाउस के एक टैंक से बरामद हुई थी। इसके बाद उन्होंने अपने सीनियर को बताया। साथ ही वह तिरपाल में डंप कर बॉडी को ले गए। साथ ही हरियाणा के एरिया में जाकर फेंक आए।