जगतार जोहल मामले में एनआईए ने दाखिल नहीं किया जवाब
जिला अदालत में हुई टागरेट किलिंग मामले की सुनवाई
अब एनआईए दो जनवरी को अदालत में दाखिल करेगी जवाब
मामले के तीन आरोपी रिमांड पर जबकि एक न्यायिक हिरासत में
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
पंजाब में हुई टारगेट किलिंग मामले की जांच कर रही एनआईए ने रिमांड पर चल रहे आरोपियों को कड़ी सुरक्षा में मंगलवार को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की अदालत में पेश किया। इस दौरान आरोपियों के वकीलों द्वारा लगाई गई एप्लीकेशन पर जांच एजेंसी की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। एनआईए ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। इसके बाद अदालत ने तीन आरोपियों को विभिन्न केसों में सात दिन के रिमांड पर भेज दिया। साथ ही जिम्मी को बीस जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई दो जनवरी को होगी।
मंगलवार दोपहर कड़ी सुरक्षा में एनआईए की टीम आरोपियों को लेकर पहुंची। इस दौरान अदालत में छुट्टी होने बावजूद सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए थे। वहीं, इस दौरान सबसे पहले जगतार सिंह जोहल को अदालत में पेश किया गया। रविंदर गोसाईं हत्याकांड में एनआईए ने आरोपी का दस दिन का और रिमांड मांगा, जबकि अदालत में आरोपी के वकील बरजिंदर सिंह सोढी व जसपाल सिंह मंझपुर ने इसका विरोध किया। हालांकि अदालत में छुट्टियां होने के कारण ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने आरोपी को सात दिन के रिमांड पर भेज दिया। उन्होंने बताया कि आरोपी चार नवंबर से रिमांड पर हैं। उसकी मानसिक स्थिति सही नहीं है। एनआईए दो तारीख को जवाब दाखिल करेगी।
इस मौके पर जगतार सिंह जोहल के वकील ने बताया कि आरोपी को 22 नवंबर को पेश करने के बाद एनआईए अधिकारी उसे 23 को दिल्ली स्थित हेडक्वार्टर ले गए थे। यह बात आरोपी ने पेशी के बाद उन्हें बताई है। उन्होंने बताया कि यह साफ नहीं किया जा रहा कि जगतार कहां पर है। वहीं, मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि यदि जगतार को कुछ भी होता है तो इसके लिए भारत सरकार जिम्मेदार होगी। वहीं, उन्होंने बताया कि अमित शर्मा हत्याकांड में हरदीप सिंह शेरा व रमनदीप सिंह को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। अब उन्हें आरएसएस शाखा में हुई फायरिंग मामले में सात दिन के रिमांड पर ले लिया गया। जबकि तलजीत सिंह जिम्मी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अब उसे बीस को अदालत में पेश किया जाएगा।