मोहाली। जोनल लाइसेंस अथॉरिटी (जेएलए) डॉ. नेहा शौरी की हत्या की जांच बुधवार को ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टीगेशन ने शुरू कर दी है। ब्यूरो के डायरेक्टर प्रबोध कुमार सुबह अपनी टीम के साथ खरड़ स्थित लैब में पहुंचे। उन्होंने करीब दो घंटे वहां पर बिताए। साथ ही नेहा शौरी की हत्या वाली जगह से लेकर उस जगह पर गए, जहां पर आरोपी ने खुद को गोली मारी थी। इसके अलावा लैब में तैनात मुलाजिमों से बातचीत कर हत्या वाले दिन हुए घटनाक्रम की जानकारी ली। उनके साथ पुलिस के वे मुलाजिम व अधिकारी मौजूद रहे, जो गोली चलने की सूचना के बाद सबसे पहले मौके पर पहुंचे थे।
ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टीगेशन की टीम खरड़ स्थित लैब में सुबह 10 बजे पहुंची। टीम ने सबसे पहले डॉ. नेहा शौरी के उस कमरे में पहुंची, जहां उसकी हत्या की गई थी। कमरा बंद था, जिसे पुलिस टीम ने खोला। उन्होंने घटनास्थल की बारीकी से जांच की। इस मौके पर आईजी वी नीरजा, खरड़ के डीएसपी दीप कमल, सीआईए इंचार्ज सतवंत सिंह संधू मौजूद रहे।
जिक्रयोग है कि 29 मार्च को डॉ. नेहा शौरी की उस समय हत्या कर दी गई थी, जब वह अपने दफ्तर में बैठीं थीं। उनकी भतीजी भी वहीं मौजूद थी। आरोपी बलविंदर सुबह दफ्तर में घुसा था और हैप्पी होली कहकर उसने नेहा की गोलियां मारकर हत्या कर दी थीं। लोगों ने उसका पीछा किया तो उसने खुद को भी गोली मारकर जान दे दी थी। उस समय पुलिस ने दलील दी थी कि आरोपी का डॉ. नेहा शौरी ने लाइसेंस कैंसिल कर दिया था, जिसके बाद से आरोपी रंजिश रखे हुए थे। नेहा के पैरेंट्स ने हत्या के पीछे ड्रम माफिया को हाथ बताया था। पंजाब सरकार ने मामले में एसआईटी गठित की थी। परिवार वालों का कहना था कि साजिश के तहत बेटी को मारा गया है। परिवार वालों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था। पीएमओ ऑफिस ने इस काम का जिम्मा गवर्नर को सौंपा था। इसके बाद दस अप्रैल को नेहा के परिवार वालों ने सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुलाकात की थी। इसके बाद उन्होंने ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन को जांच का जिम्मा सौंपा था।
आरोपी लैब में कैसे घुसा, इसकी भी हुई पड़ताल
जांच टीम ने पूरी बिल्डिंग का जाजया लिया। टीम उस बैक गेट पर भी गई, जहां से आरोपी बलविंदर नेहा शौरी की हत्या करने के लिए घुसा था। इसके बाद टीम उस स्थान पर गई, जहां आरोपी ने खुद को गोली मारी थी। इसके अलावा लैब के सिक्योरिटी सिस्टम व वहां पर लगे कैमरों व अन्य रिकॉर्ड के बारे में पूछताछ की गई।
लैब का रिकॉर्ड, मोबाइल और लैपटॉप पुलिस के पास
मामले में पंजाब सरकार द्वारा गठित एसआईटी पहले ही लैब से डॉ. नेहा शौरी से जुड़ा रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले चुकी है। इसके अलावा नेहा का मोबाइल फोन व लैपटॉप भी पुलिस के पास है। पुलिस द्वारा इनकी गहनता से जांच की जा रही है।
रिवाल्वर का लाइसेंस जारी करने वालों पर होगी कार्रवाई
चुनाव आयोग की जांच को पहुंची रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि आरोपी को चुनाव की आचार संहिता लगने के बाद रिवाल्वर का लाइसेंस जारी हुआ था। चुनाव आचार संहिता 10 मार्च को लगी थी, जबकि लाइसेंस 12 मार्च को जारी हुआ था। वहीं, आयोग ने इस मामले में दोषी स्टाफ पर कार्रवाई के लिए रोपड़ के डीसी को लिखा है।