विदेश भेजने के नाम पर लाखों ठगने वालों को दो साल की कैद
दोषियों में जेट इंटरनेशनल प्लेसमेंट कंपनी के प्रबंधक भी शामिल
दोषियों को 25-25 हजार रुपये जुर्माने की रकम भी भरनी होगी
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी के मामले में जिला अदालत ने फेज- 6 से चलने वाली जेट इंटरनेशनल प्लेसमेंट सर्विस कंपनी के खिलाफ अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने कंपनी के मालिक दीपक अरोड़ा व उसके साथियों को करनदीप सिंह उर्फ प्रगट सिंह निवासी पायल जिला लुधियाना को चार अलग-अलग केसों में दो-दो वर्ष कैद की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर 2500-2500 रुपये जुर्माना भी लगाया है।
जानकारी के मुताबिक, जसविंद्र सिंह निवासी सेक्टर- 25 मंडी गोबिंदगढ़ ने इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी थी। उन्होंने बताया था कि स्विट्जरलैंड भेजने के नाम पर 60 हजार रुपये की ठगी उनके साथ जेट इंटरनेशनल प्लेसमेंट सर्विस कंपनी के प्रबंधकों ने की। थाना फेज-1 में धोखाधड़ी का केस 29 दिसंबर 2011 को दर्ज किया गया था। स्विट्जरलैंड भेजने के नाम पर ठगी का दूसरा केस केवल सिंह निवासी गांव पैनसरा जिला होशियारपुर की शिकायत पर उसके साथ दीपक अरोड़ा व करनदीप सिंह के खिलाफ दर्ज किया गया था। केवल सिंह के साथ एक लाख 20 हजार रुपये की ठगी हुई थी। तीसरा केस अजय कुमार निवासी गांव साहिबा ब्लॉक सरोया (नवांशहर) की शिकायत पर 10 सितंबर 2011 को दीपक अरोड़ा खिलाफ दर्ज किया गया था। उसने शिकायत में बताया था कि उसे स्विट्जरलैंड भेजने के नाम पर उसके साथ एक लाख 20 हजार रुपये की ठगी की गई थी। इसी प्रकार दीपक अरोड़ा तथा करनदीप सिंह खिलाफ चौथा केस जगदीश सिंह निवासी गांव भीलोवाल (अमृतसर) की शिकायत पर 28 दिसंबर 2011 को दर्ज किया गया था। पंजाब पुलिस से रिटायर्ड सब-इंस्पेक्टर जगदीश सिंह ने अपने बेटे गुरभेज सिंह को यूके भेजने के लिए एक लाख 70 हजार रुपये उक्त कंपनी के मालिकों को दिए थे। कंपनी ने इन चारों केसों में किसी को भी न तो विदेश भेजा और न ही उनके पैसे वापस किए थे।
कनाडा भेजने के नाम पर ठगे दो लाख
खरड़। सिटी पुलिस खरड़ ने एक लड़की की शिकायत पर विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी करने के आरोप में एक इमिग्रेशन कंपनी के प्रबंधक राजवीर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार, दीपिका रानी नामक युवती ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने सन्नी एन्क्लेव स्थित एक इमिग्रेशन कंपनी के प्रबंधक राजवीर को उसने मलयेशिया भेजने के लिये 80 हजार रुपये दिए थे। दीपिका रानी मलयेशिया चली भी गई, लेकिन वहां पर एक सप्ताह रहने के बाद वह फरवरी 2016 को वापस आ गई थी। इसके बाद दीपिका ने दोबारा फिर आरोपी से कनाडा जाने के संबंध में बात की। छह लाख रुपये में उसे कनाडा भेजने की बात फाइनल हो गई। दीपिका रानी ने आरोपी राजवीर को दो लाख रुपये दे दिए, लेकिन आरोपी राजवीर ने न तो विदेश भेजा और न ही पैसे वापस किए। पुलिस ने दीपिका रानी की शिकायत पर राजवीर के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।