नायब तहसीलदार पर प्लाट की रजिस्ट्री के बदले रिश्वत मांगने का आरोप
- कालोनाइजर ने डीसी को शिकायत देकर की कार्रवाई की मांग
- नायब तहसीलदार ने आरोपों को किया खारिज
डेराबस्सी। यहां के एक कालोनाइजर ने नायब तहसीलदार पर रजिस्ट्री करने के बदले दस हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। कालोनाइजर दिलबाग सिंह बरटाना ने डीसी को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
दिलबाग ने शिकायत में कहा कि उसने लालड़ू के गांव घोलूमाजरा में ग्रीन वैली गोल्डन एस्टेट के नाम से एक रिहायशी कालोनी काटी हुई है। इसकी उन्होंने पंजाब सरकार की तरफ से सारी बनती मंजूरी ली हुई हैं जिसके सभी दस्तावेज उनके पास हैं। आरोप है कि वह इससे पहले भी अपनी कालोनी की सारी रजिस्ट्रियां डेराबस्सी तहसील से करवाते हैं। हरेक बार की तरह ऑनलाइन रजिस्ट्री का समय लेने के बाद वह सोमवार को तहसील गए जहां सभी दस्तावेज पूरे होने के बावजूद नायब तहसीलदार जसबीर कौर ने उनसे रजिस्ट्री के बदले दस हजार रुपये की मांग की। उसने सभी दस्तावेज पूरे होने और पहले रूटीन में बिना रुपयों से रजिस्ट्री होने संबंधी दस्तावेज दिखाए तो नायब तहसीलदार ने उसे तहसील के पीछे बने कमरे में आकर पहले रुपये देने की बात कही। इस पर वह बिना रजिस्ट्री करवाए वापस आ गए।
शिकायतकर्ता ने कथित आरोप लगाया कि यह उसकी मंजूरशुदा कालोनी है जिसके प्लाट की रजिस्ट्री करने के लिए रिश्वत की मांग की जा रही है। इसके उल्ट डेराबस्सी में सैकड़ों नाजायज कालोनियां हैं जिनमें रोजाना प्लाटों की मोटी रकम लेकर रजिस्ट्रियां की जा रही हैं जिसके उसके पास सबूत मौजूद हैं जबकि सरकार की तरफ से अवैध कालोनियों में रजिस्ट्रियों पर पाबंदी लगाई हुई है।
झूठा आरोप लगा रहा कालोनाइजर
नायब तहसीलदार जसबीर कौर ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कालोनाइजर को कालोनी की असली रजिस्ट्री दिखाने के लिए कहा था जो वह दिखाने में नाकाम रहा जिस कारण रजिस्ट्री नहीं की। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री न होने पर कालोनाइजर रिश्वत मांगने का झूठा आरोप लगा रहा है।
जांच कराई जाएगी
एसडीएम डेराबस्सी पूजा सियाल ने कहा कि मामला ध्यान में आने बाद में इसकी जांच की जाएगी।
कैप्शन- शिकायत की कापी दिखाता कालोनाइजर दिलबाग सिंह बरटाना।