मोहाली। वीआईपी सिटी में लगातार बढ़ रही आपराधिक वारदातों के बाद आखिरकार पुलिस ने किरायदारों की वेरिफिकेशन पर सख्त रुख अपना ही लिया। पुलिस ने किरायदारों की वेरिफिकेशन न करवाने वाले 60 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। ऐसी जानकारी भी है कि पंजाब में आतंकी वारदात की इंटेलिजेंस इनपुट के बाद पुलिस हरकत में आई है। हालांकि मोहाली में नशे की बढ़ती खपत को लेकर भी एसटीएफ ने जिला पुलिस को किरायदारों की वेरिफिकेशन की हिदायत दी थी।
डीसी गिरीश दयालन ने धारा 144 के तहत किरायदारों की वेरिफिकेशन के आदेश जारी किए। इसके बाद रविवार को एसएसपी हरचरण सिंह भुल्लर की देखरेख में पुलिस ने जिले भर में किरायदारों की वेरिफिकेशन के लिए ड्राइव चलाई। एसपी सिटी हरविंदर सिंह विर्क और एसपी गुरसेवक सिंह बराड़ की अगुवाई में चली इस ड्राइव में मुख्यत: पीजी पर फोकस किया गया। पुलिस ने 550 जगहों पर वेरिफिकेशन की। यह ड्राइव रविवार रात तक जारी रही। शहर के आउटर एरिया जैसे सुहाना, नयागांव, मुल्लांपुर, खरड़ व जीरकपुर सहित शहर के उन एरिया को फोकस किया गया जहां पीजी की तादात ज्यादा है। पूरी ड्राइव के दौरान हो रही कार्रवाई की विडियोग्राफी भी कई है।
साथ ही सब डिवीजन सिटी 1 और 2 के रिहायशी इलाकों की चेकिंग भी की गई। इस दौरान किरायदारों के दस्तावेज और विवरणों की जांच की गई। जिन मकान मालिकों ने अपने किरायदारों की वेरिफिकेशन लंबे समय से नहीं करवाई थी, ऐसे 60 मकान मालिकों के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
गौरतलब है कि मोहाली में हुई कई बड़ी वारदातों में किरायदारों खास कर पीजी में रहने वालों की शमुलियत पाई गई थी। हाल ही में एसटीएफ ने जिला प्रशासन व पुलिस के साथ मीटिंग कर जिले में बढ़ रही नशे की खपत का मुद्दा उठाया था। पिछले 2.5 साल के दौरान मोहाली में 20 किलो हेरोइन पकड़े जाने पर भी एसटीएफ ने चिंता जताई थी। मोहाली की सीमाएं चंडीगढ़ सहित हिमाचल प्रदेश और हरियाणा से लगती हैं। लिहाजा जिला पुलिस को सरकार की तरफ से इंटर स्टेट नाके लगाने की खास तौर पर हिदायत दी गई है।
414 अधिकारी व मुलाजिम जुटे किरायदारों की वेरिफिकेशन में
जिले में चलाई गई ड्राइव में बड़े स्तर पर अधिकारी व मुलाजिमों को लगाया गया। एसएसपी हरचरण सिंह भुल्लर खुद इसकी मॉनीटरिंग कर रहे थे। ड्राइव की अगुवाई दो एसपी रैंक के अधिकारी कर रहे थे। वहीं इस वेरिफिकेशन ड्राइव में 13 डीएसपी, 81 एनजीओ, 213 ईपीओ पुरुष व 106 महिला ईपीओ लगाए गए थे। इस तरह 414 अधिकारियों व मुलाजिमों की अलग-अलग टीमें जिले में चेकिंग के लिए लगाई गईं। इन टीमों ने सब डिवीजन सिटी 1 में 300 व सब डिविजन सिटी 2 में 250 पीजी व मकानों की चेकिंग की जहां किरायदार रह रहे हैं।
कोट्स
जिले में किरायदारों की वेरिफिकेशन न करवाने की शिकायतें थीं। यह मुद्दा सुरक्षा व्यवस्था से भी जुड़ा है। कई बार मकान मालिकों को अलग-अलग तरीकों से वेरिफिकेशन के लिए जागरूक करने का प्रयास किया गया। इसके बाद भी सार्थक नतीजे सामने नहीं आ रहे थे। लिहाजा धारा 144 के तहत आदेश जारी कर चेकिंग के आदेश दिए गए। मकान मालिकों को इस बारे में जागरूक होना चाहिए और खुद ही वेरिफिकेशन के लिए पहल करनी चाहिए।
- गिरीश दयालन, डीसी मोहाली
पुलिस द्वारा लगातार लोगों से अपील की जाती रही है कि अपने किरायदारों की वेरिफिकेशन जरूर करवाएं। इसके बाद भी कुछ लोग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे थे। यह मामला लोगों की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा है। इसमें कोताही नहीं होनी चाहिए। हमने आज ड्राइव चला कर वेरिफिकेशन की। जिन मकान मालिकों के पास किरायदारों को थोड़ा समय हुआ है, उन्हें चेतावनी दी गई है। लेकिन जिन्होंने लंबे समय से किरायदारों की वेरिफिकेशन नहीं करवाई है, उन पर कानून के मुताबिक कार्रवाई की गई है।
- एसएसपी, हरचरण सिंह भुल्लर
जगह-जगह सुविधा सेंटर बने हुए हैं। किरायदारों के आईडी प्रूफ और रिश्तेदारों के फोन नंबर उपलब्ध करवाने जैसी औपचारिकताएं मकान मालिक को पूरी करनी होती हैं। इसके बावजूद लोग सुविधा सेंटर तक नहीं जाना चाहते। जिले में हुई कई बड़ी वारदातों में किरायदारों का हाथ सामने आया है। अगर हम पहले से ही कानून का पालन करें तो कई वारदातों को रोका जा सकता है।
- सेहबी आनंद, पार्षद वार्ड नंबर 20
पुलिस ने पहली बार जिले में ऐसी ड्राइव चलाई है। इस तरह की ड्राइव साल में एक बार जरूर होनी चाहिए। किरायदारों की वेरिफिकेशन के लिए जो सुविधा सेंटर हैं वो ज्यादातर थानों में हैं। आम आदमी थाने में जाकर पुलिस से डीलिंग करने से परहेज करता है। पुलिस को चाहिए की वेरिफिकेशन के लिए वार्ड या फेज वाइज कैंप लगाए। इसके लिए स्थानीय पार्षद को साथ लिया जा सकता है। इससे लोगों को भी आसानी होगी और पुलिस को भी। ज्यादातर पीजी में रहने वाले लड़के-लड़िकियां बड़ी वारदातों में संलिप्त पाए गए हैं। मकान मालिकों का फर्ज है कि अपनी व समाज की सुरक्षा के लिए कोताही न बरतें।
- अरुण शर्मा, पार्षद वार्ड नंबर 9
पुलिस ने रविवार को जो कदम उठाया है, वो काफी पहले उठाना चाहिए था। बाहर से आने वाले अनआईडेंटिफाइड किरायदार जिले की सुरक्षा के लिए गंभीर समस्या हैं। जिले में हुई कई बड़ी वारदातों में किरायदारों खासकर पीजी में रहने वालों का हाथ सामने आया है। पुलिस को तभी ऐसे किरायदारों के मकान मालिकों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए थी। पुलिस का कदम सराहनीय है। लोगों को खुद भी इस विषय में जागरूक होना चाहिए। हमारी छोटी सी औपचारिकता बड़ी वारदात को रोकने में सहायक हो सकती है।
- अतुल शर्मा, प्रधान, सोच सेवा समिति