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जीओजी मेंबर को पुलिस ने बीडीपीओ दफ्तर से हिरासत में लिया

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डेराबस्सी। पंजाब सरकार की ओर से लोगों की सुविधा के लिए तैनात जीओजी (गार्डियंस ऑफ गवर्नेंस) मेंबर को पुलिस ने वीरवार को हिरासत में ले लिया। यह जीओजी मेंबर गांवों में पंजाब सरकार की नीतियों को घर-घर पहुंचाने के लिए काम करते हैं, परंतु गांव खेड़ी जटां में सरकार की ओर से तैनात किए मेंबर का गांव वासी लंबे समय से विरोध करते हुए बदलने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने इसे उस समय पर हिरासत में लिया, जब वह बीडीपीओ कार्यालय में एक मीटिंग में हिस्सा ले रहा था।
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जांच अधिकारी सहायक इंस्पेक्टर हरजीत सिंह ने बताया कि भजन सिंह निवासी गांव खेड़ी जटां के खिलाफ मुकदमा नंबर 169 साल 2018 धारा 323, 341, 506, 34 आईपीसी के तहत डेराबस्सी थाने में दर्ज हुआ था। उसे गिरफ्तार करने के लिए कई बार पुलिस ने उसके घर छापा मारा, परंतु वहां बड़े-बड़े पालतू कुत्ते होने के कारण गिरफ्तार नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा कि भजन सिंह ने तो पुलिस के सामने और न ही अदालत में पेश हो रहा था। वीरवार को पता चला था कि भजन सिंह बीडीपीओ दफ्तर में एक मीटिंग में शामिल होने आ रहा है। इस पर उसे मौके से काबू कर लिया। बाद में भजन सिंह के वकील ने उसके अदालत में पेश होने के दिए भरोसे पर पुलिस ने शाम को उसे छोड़ दिया।

गांव वासियों ने लगाए ये आरोप
गांव वासियों ने बताया कि भजन सिंह गांव के विकास कामों में रुकावट डालता है और वह मनरेगा स्कीम के तहत चल रहे कामों में दखल देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भजन सिंह की सरपंच के साथ निजी रंजिश होने के कारण वह जानबूझकर गांव के हरेक काम में रोड़ा अटकाता है। उन्होंने कहा कि भजन सिंह के खिलाफ केस दर्ज होने के बावजूद उसे जीओजी मेंबर बनाना शर्मनाक है।
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मुझे झूठे मुकदमों में फंसाया गया : भजन सिंह
जीओजी मेंबर भजन सिंह ने कहा कि उसे झूठे मुकदमों में फंसाया गया है। उसने जीओजी मेंबर बनने पर गांव की पंचायत की ओर से किए जाते गलत कामों को उजागर किया है, जिस कारण कुछ लोग उसका विरोध कर रहे हैं।
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