फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

व्यक्ति के बैंक खाते से निकले 45 हजार रूपये

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

खरड़ में फिर खाते से निकाले 45 हजार
अब गुरुग्राम में नौकरी करने वाले अश्विनी खन्ना हुए ठगों के शिकार
अमर उजाला ब्यूरो
खरड़। ऑनलाइन ठगी के अलग अलग तरीके अपना कर लोगों के बैंक खातों से पैसे निकालने वाले ठग भोले भाले लोगों की कमाई हड़प रहे हैं परंतु लोगों के पैसे को इस तरह ठगों से बचाने के लिए न तो सरकार और न ही बैंक गंभीर है। खरड़ के गुरु नानक एनक्लेव निवासी और हरियाणा के गुरुग्राम में प्राइवेट नौकरी कर रहे अश्वनी खन्ना भी इस तरह की ठगी का शिकार हुए हैं। अश्वनी खन्ना ने बताया कि उसका बैंक ऑफ इंडिया में खाता है, जिसका डेबिट कार्ड उसके पास है और कार्ड का पिन उसके अलावा किसी और को पता नही है। उसने बताया कि उसके फोन पर कई बार लगातार मैसेज आए और उसके खाते से पांच बार ट्रांजेक्शन कर 45 हजार रुपये निकाल लिए गए। अश्वनी खन्ना ने बताया कि उसे लगा कि शायद उसका एटीएम कार्ड चोरी हो गया होगा, परंतु जब उसने अपना कार्ड चैक किया तो वह सही सलामत उसके पास ही था। अश्वनी खन्ना ने तुरंत अपने खाते में बची बाकी रकम को अपने दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर कर लिया, ताकि बकाया बची रकम को बचाया जा सके। उसने बताया कि उसके साथ ठगी करने वाले व्यक्ति ने एक बार फिर ट्रांजेक्शन करने की कोशिश की, लेकिन खाता खाली होने के कारण उसके हाथ कुछ नहीं लगा। अश्वनी खन्ना ने इस संबंधी ग्राहक सेवा केंद्र पर संपर्क करके सारी जानकारी दी और पैसे वापस आने का हल पूछा तो वहां मौजूद अधिकारी ने कहा कि यह ऑनलाइन ठगी का मामला है, इसलिए इस बारे में पुलिस को सूचना दी जाए। अश्वनी खन्ना ने कहा कि उनके बैंक खाते से रकम कहां पर निकाली गई है, इसके बारे में भी ग्राहक सेवा केन्द्र से कोई जानकारी नहीं मिल सकी। अश्वनी खन्ना ने इसके बाद इस की जानकारी साइबर सैल मोहाली को देनी चाही परंतु छुट्टी होने के कारण कोई हल नही हो सका। अश्वनी खन्ना द्वारा सोशल मीडिया पर अपने साथ हुई ठगी की घटना को शेयर करने के तुरंत बाद साइबर सैल के एआईजी ने इस ठगी की जांच करवाने के आदेश डीएसपी को दिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें