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नेताओं के नाम के फर्जी पत्र दिखाकर फंसाता था लोगों को

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पंजाब के नेताओं के नाम के फर्जी पत्र दिखाकर फंसाता था लोगों को
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आरोपी के घर से विदेश मंत्रालय का एक फर्जी पत्र भी हुआ बरामद
वह लोगों को कनाडा नेताओं को कुक और नौकर बनाकर भेजने का देता था झांसा
सैटल करने व अन्य इंतजामों के नाम पर भी वसूलता था मोटी रकम
अमर उजाला ब्यूरो
खरड़/पठानकोट। इमीग्रेशन फ्रॉड केस में सन्नी एनक्लेव से पठानकोट पुलिस द्वारा दबोचा गया नवरीत सिंह गिल काफी शातिर था। पुलिस को उसके घर में जांच के दौरान एक विदेश मंत्रालय का फर्जी पत्र मिला है जिसके सहारे ही वह ठगी की कहानी रचता था। पता चला है कि उस लेटर में उसने पंजाब के कुछ नेताओं और मंत्रियों के नाम लिखे थे। जो भी लोग उसके पास आते थे वह उन्हें उसी दस्तावेज को दिखाता था। साथ ही भरोसा दिलाता था कि उन नेताओं के साथ उसके अच्छे संबंध हैैं। वह उनके नौकर या कुक के रूप में आसानी से बाहर पहुंच देगा। साथ ही विदेशों में सेटल कर देगा।
इस बात की पुष्टि पठानकोट पुलिस के डीएसपी असविंदर सिंह धालीवाल ने की। उन्होंने कहा कि जांच में यह बात सामने आई है कि विदेश मंत्रालय की तरफ से इस संबंध में कोई पत्र तक नहीं लिख गया था। दूसरी तरफ डीएसपी ने कहा कि उसके पास से उन्हें कई एटीएम कार्ड भी बरामद हुए हैं। वह 10 से 12 एटीएम कार्ड प्रयोग करता था। इसके अलावा उसके पास से मिले वीजा पर वह हाईएंड प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी का प्रयोग करता था।
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पंद्रह से आरोपी की तलाश में थी पुलिस पार्टी
आरोपी नवरीत आठ वर्षों से इमीग्रेशन का काम कर रहा था। पहले वह इस काम को मोगा स्थित अपने घर से करता था। जब वहां काफी देनदार हो गया तो उसने वहां से मकान बेच दिया। पुलिस उसकी तलाश में पंद्रह दिन से थी। पठानकोट पुलिस पार्टी द्वारा नवरीत की तलाश में मोगा और पटियाला में दबिश दी लेकिन गिरफ्तारी नहीं हो पाई। पुलिस को इसकी लोकेशन सन्नी एनक्लेव खरड़ में मिली। इस पर डीएसपी असवंत सिंह, सब इंस्पेक्टर नवदीप शर्मा, एएसआई दीपक कुमार व अन्य पुलिस पार्टी ने वहां पर रेड की। वह उसके मकान पर गए लेकिन उन्होंने ताला बंद कर लिया जिससे लोकल पुलिस की मदद से घर का दरवाजा तोड़ा गया। वह घर में सोफे के पीछे छुपा था।

पंजाब से लेकर यूपी तक के ठगे है लोग
खरड़ स्थित घर की तलाशी लेने पर दो लैपटॉप, कई जरूरी दस्तावेज और सोफे के नीचे से 15 पासपोर्ट बरामद हुए। इनमें से कुछ पासपोर्ट पर कनाडा के नकली वीजा लगे हुए थे। इनमें से 12 पासपोर्ट पंजाब के लोगों के और तीन यूपी के लोगों के हैं। नवरीत सिंह ने बताया है कि उसका काफी डाटा इन लैपटॉप में है जिसकी जांच के लिए एक्सपर्ट की मदद ली जा रही है।
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ऐसे खुली थी आरोपी की पोल
डीएसपी असवंत सिंह ने बताया कि कानवां थाना में 28 अप्रैल 2017 को पुलिस ने इस मामले में शिकायतकर्ता गुरप्रीत सिंह निवासी भगवानसर की शिकायत पर नवरीत सिंह व उसकी पत्नी बलजीत कौर के खिलाफ मामला दर्ज किया था। शिकायतकर्ता गुरप्रीत सिंह को उसके दोस्तों से पता चला कि मोगा का व्यक्ति काफी लोगों का कनाडा भेज चुका है। गुरप्रीत ने अपने तीन दोस्तों के साथ नवरीत सिंह से संपर्क किया और उन्हें कनाडा भेजने की बात की। नवरीत ने उन्हें कहा कि वह उन्हें पहले विजिटर वीजा पर कनाडा भेज देगा। इसकी एवज में उन चारों ने उसे 27 लाख 8 हजार रुपये दे दिए। कुछ समय के बाद पासपोर्ट पर कनाडा का जो वीजा लगाया गया वह नकली पाया गया। इस कारण वह कनाडा नहीं जा पाए। उन्होंने इस संबंधी शिकायत सुजानपुर पुलिस को दी। उन्होंने बताया कि इसकी पत्नी की तलाश भी की जा रही है। मामले में जल्द ही कई अहम खुलासे हो सकते हैं। सुजानपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
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