फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नाबालिग से रेप व हत्या का केस सुलझा

विज्ञापन
विज्ञापन
नाबालिग से रेप और हत्या के मामले में मां-बेटी समेत तीन गिरफ्तार
विज्ञापन

दो माह बाद पुलिस ने सेक्टर-69 में हुई हत्या के मामले को सुलझाया

- एक आरोपी अभी भी फरार, एसएसपी ने प्रेस कांफ्रेंस में किया खुलासा
- सारे आरोपी थे लड़की के जानकार, परिवार को आखिर तक नहीं था उन पर संदेह
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
दो माह पहले अगवा कर सेक्टर-69 के जंगली एरिया में रेप के बाद की गई नाबालिग लड़की की हत्या के मामले को पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। आरोपी कोई बाहर के नहीं थे, बल्कि मृतका के करीबी थे। इस मामले में पुलिस ने मां-बेटी समेत चार लोगों पर केस दर्ज कर लिया है। जिनमें से तीन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मक्खन दिवान निवासी गांव बेरी बंकट थाना सिकटा जिला बेतियां बिहार, शीला निवासी उत्तर प्रदेश हाल निवासी मटौर व पूजा निवासी मटौर शामिल है। जबकि रहूण निवासी बिहार व हाल निवासी मटौर अभी फरार है। एसएसी कुलदीप सिंह चहल ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस कर इसका खुलासा किया। इस मौके पर सीआईए इंचार्ज तिरलोचन सिंह, फेज थाना आठ प्रभारी राजीव कुमार व मामले के जांच अधिकारी एसआई जागीर सिंह मौजूद रहे।

पति की मौत का जिम्मेदार मानती थी नाबालिग के परिवार को
एसएसपी ने बताया कि नाबालिग को मारने की वजह पुरानी रंजिश बताई जा रही है। अगस्त माह में शीला के पति राम निवास की उत्तर प्रदेश में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। शीला को संदेह था कि मृतका के परिजनों की वजह से ही उसके पति की मौत हुई है। जिसके बाद उन्होंने इसका बदला लेने के लिए यह योजना बनाई थी।
विज्ञापन


ऐसे दिया था वारदात को अंजाम
जानकारी के मुताबिक जब नाबालिग लड़की वकील के घर से नौ नवंबर 2017 को निकली थी। उसके बाद शीला ने पूरी प्लानिंग से उसे जंगल से लड़कियां उठाने के बहाने ले कर गई थी। जहां पर आरोपी मक्खन व रहूण पहले से ही मौजूद थे। जहां पर उन्होंने नाबालिग का जबरदस्ती रेप करवाया। इसमें मां-बेटी ने भी साथ दिया। इसके बाद उन्हें लगा कि लड़की मुंह खोल देगी। जिस पर उन्होंने उसकी चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी और शव को पत्तों में छिपाकर फरार हो गए।

लड़की की हत्या के बाद परिवार के बने रहे मददगार
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी काफी शातिर थे। लड़की की हत्या के बाद वे मोहाली में ही मौजूद रहे। इतना ही नहीं लड़की की तलाश में भी आरोपी परिवार सहयोग करता रहा। वह हर पल पर उन्हें मददगार बताते रहे। जिसके चलते परिवार को उन पर कभी संदेह ही नहीं हुआ था।

फोन कॉल्स की डिटेल से खुली आरोपियों की पोल
पुलिस इस मामले में काफी गंभीरता से जांच कर रही थी। लेकिन कोई सुराग नहीं लग रहा। हालांकि पुलिस के हाथ कुछ ऐसी चीजें लग गई थी। जिससे यह साफ हो गया था कि हत्या में कोई करीबी ही शामिल है। इसके बाद पुलिस ने भी सभी करीबियों की कॉल डिटेल चेक की। तभी आरोपियों की भनक लगी। इसके बाद आरोपियों को बैठाकर पूछताछ की गई। जिसके बाद उन्होंने बात कबूल कर ली।

चंडीगढ़ रेप केस के आरोपियों से भी की पूछताछ
एसएसपी ने बताया कि इस मामले में उन्होंने काफी बारीकी से जांच की थी। इतना ही नहीं मामले की जांच को आगे बढ़ाने के लिए वह चंडीगढ़ आटो रेप के आरोपियों को भी प्रोडक्श्न वारंट पर लाए थे। इसके बाद उनसे भी काफी बारीकी से जांच की गई थी। लेकिन कोई सुराग उनसे नहीं मिल पाया था।
विज्ञापन


यह था सारा मामला
जानकारी के एक सितंबर को लड़की काम पर गई हुई थी। शाम को चार बजे लड़की जहां बच्चे की देखभाल के लिए जाती थी, वहां से वापस अपने घर के लिए निकली थी। लेकिन वह घर नहीं पहुंची थी। इसके बाद परिवार वालों ने काफी तलाश की। लेकिन इसका कोई सुराग नहीं लगा। इसी बीच नौ सितंबर को सेक्टर-69 मायो अस्पताल के सामने दुकान पर काम करने वाला लड़का शौच के लिए जंगल में गया। तो उसने लड़की के कपड़े देखे। उसने इस बारे में तुरंत अपने भाई को सूचित किया। इसके बाद पुलिस को जानकारी दी गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। साथ ही शव की पहचान हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने विसरा जांच के लिए लैब भेजा था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें