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पुलिस पर सवाल, आरोपी को जज के सामने पेश किए बिना छोड़ा

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मोहाली। जिला पुलिस की कार्रवाई पर मंगलवार को उस समय सवालिया निशान लग गए, जब शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि धोखाधड़ी के आरोप में पकड़े गए एक आरोपी को जज के सामने पेश किए बिना ही छोड़ दिया गया, जोकि नियमों के खिलाफ है। वहीं, इस मामले में फेज-1 थाने के एसएचओ राज कुमार ने कहा कि मामले की जांच चल रही है, इसलिए फिलहाल उन्हें फारिग कर दिया गया है। जांच पूरी होने के बाद अगर जरूरत पड़ी तो उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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फेज-3ए निवासी सुखबीर सिंह शेरगिल की शिकायत पर पुलिस स्टेशन फेज-1 मोहाली में 11 जनवरी 2017 को पंजाब इंफोटेक के अधिकारी आरके सांगवान के खिलाफ आईपीसी की धारा 465, 466, 467, 468, 471 के तहत केस दर्ज किया गया था। सांगवान उस समय कार्पोरेशन में सीनियर एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अस्टेट के तौर पर तैनात थे। उसी केस में पुलिस द्वारा जांच करने के बाद आईपीसी की धारा 420 तथा 120बी शामिल करके कार्पोरेशन के चीफ फाइनेंशियल अफसर गनेश प्रसाद गुप्ता को भी केस में नामजद कर लिया था। पुलिस ने गनेश प्रसाद गुप्ता को सोमवार को उनके चंडीगढ़ स्थित आफिस से गिरफ्तार किया था। शेरगिल ने बताया कि पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपी गुप्ता को मोहाली में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाना चाहिए था, लेकिन पुलिस ने उन्हें पेश नहीं किया, बल्कि जांच के नाम पर छोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि वे पुलिस की इस कार्रवाई को अदालत में लेकर जाएंगे।

ऐसे दर्ज हुआ था केस
सुखबीर सिंह शेरगिल ने बताया कि उन्होंने इंडस्ट्रियल एरिया फेज-8 मोहाली स्थित प्लाट नंबर सी-136 पंजाब इंफोटेक द्वारा करवाई गई बोली में जुलाई 2007 को हिस्सा लिया था, जबकि इससे पहले यह प्लाट 1978 में किसी अन्य व्यक्ति को अलाट हो रखा था। कारपोरेशन के अधिकारियों ने सरकारी रिकार्ड में छेड़छाड़ करके सुखबीर शेरगिल व उसकी पत्नी गुरबीर कौर शेरगिल को वर्ष 1978 से अलॉटी दिखा दिया। उसके बाद 12 अक्तूबर 2001 को यह प्लाट कार्पोरेशन की ओर से फ्री-होल्ड हो गया था। शेरगिल ने बताया कि हैरानी की बात ये रही कि सरकारी अधिकारियों ने बार बार रिकार्ड में एंट्री की तथा आरटीआई में भी देते रहे कि उक्त प्लाट के संबंध में कोई भी देनदारी शेरगिल और उसकी पत्नी के खिलाफ नहीं बनती है। उसके बावजूद अधिकारियों ने पति-पत्नी को रिकार्ड में छेड़छाड़ करके 1978 से अलॉटी दिखाकर 4 करोड़ 12 लाख रुपये की पेनल्टी लगा दी, जोकि वर्ष 2014 में जमा करवा भी दी गई। बाद में शेरगिल ने मामले की शिकायत पर पुलिस को दी थी। इस दौरान पुलिस ने वर्ष 2017 में सांगवान के खिलाफ केस दर्ज किया था और बाद में गुप्ता को भी नामजद कर लिया था।
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