मोहाली। राज्य में वर्ष 2015 में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पवित्र स्वरूपों की चोरी व बरगाडी बेअदबी मामला एक बार फिर गरमा गया है। सीबीआई द्वारा अदालत में मामले की क्लोजर रिपोर्ट फाइल करने के बाद अब पंजाब सरकार भी हरकत में आ गई है। बुधवार को जहां पंजाब पुलिस ने सीबीआई अदालत में याचिका दायर कर क्लोजर रिपोर्ट की अटेस्टेड कॉपी मुहैया करवाने की मांग की, वहीं दो शिकायतकर्ताओं ने भी अपने वकीलों के माध्यम से क्लोजर रिपोर्ट की कॉपी के लिए याचिका लगाई। पंजाब पुलिस की याचिका पर बहस के बाद अदालत ने अगली सुनवाई 23 जुलाई निश्चित की। वहीं, शिकायतकर्ताओं की याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी किया गया। इस याचिका पर भी सुनवाई 23 जुलाई को होगी।
बुधवार को पंजाब पुलिस के सीनियर अधिकारियों की टीम वकीलों के साथ सीबीआई अदालत पहुंची। पुलिस ने अदालत से सीबीआई द्वारा दाखिल की गई क्लोजर रिपोर्ट की कॉपी मुहैया करवाने के लिए याचिका लगाई। अदालत में पुलिस की तरफ से पेश हुए सरकारी वकीलों ने क्लोजर रिपोर्ट की कॉपी हासिल करने के लिए कई तर्क दिए। इसके बाद अदालत ने शाम को मामले के संबंध में अगली सुनवाई 23 जुुलाई को करने का फैसला लिया, जिसमें ही क्लोजर रिपोर्ट की कॉपी पंजाब पुलिस को देने पर विचार होगा। दूसरी तरफ, मामले के दो शिकायतकर्ता रणजीत सिंह व गोरा ने भी अपने वकील गगनप्रदीप सिंह बल व नवदीप सिंह बिट्टा के माध्यम से क्लोजर रिपोर्ट की कॉपी के लिए याचिका लगाई। उनका कहना था कि वह क्लोजर रिपोर्ट को देखना चाहते हैं कि आखिर सीबीआई ने यह फैसला क्यों लिया। वह अपना पक्ष अदालत में रखना चाहते हैं। अदालत उनकी याचिका पर भी सुनवाई 23 जुलाई को करेगी। वहीं, अदालत के बाहर दोनों शिकायतकर्ताओं ने कहा कि आरोपियों को सजा दिलाने के लिए वह अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे।
जिक्रयोग है कि सीबीआई द्वारा डेरा प्रेमी व मामले के आरोपी महिंदर पाल सिंह बिट्टू की हत्या के 20 दिन बाद यह क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई है। मामले में दूसरे दो आरोपी लंबे समय से जमानत पर हैं।